उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने वन विभाग की कार्यप्रणाली और ग्रामीण इलाकों में बढ़ते वन्यजीव संघर्ष पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सिरसौली गांव के ग्रामीण लंबे समय से जंगली सुअरों के आतंक से परेशान थे। किसानों का कहना था कि सुअर रात के समय खेतों में घुसकर फसलें बर्बाद कर रहे हैं और कई बार लोगों पर हमला करने की कोशिश भी कर चुके हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद वन विभाग की टीम गांव पहुंची, ताकि सुअरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जा सके। गांव में जैसे ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ, हालात अचानक बेकाबू हो गए और किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह मिशन एक खौफनाक हादसे में बदल जाएगा।
दारोगा जमीन पर गिरते ही टूट पड़ा सुअर
रेस्क्यू टीम जाल बिछाने की तैयारी कर ही रही थी कि अचानक झाड़ियों से एक जंगली सुअर निकल आया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुअर बेहद आक्रामक हालत में था। उसने बिना किसी चेतावनी के वन विभाग के दारोगा शिवम प्रताप सिंह पर सीधा हमला कर दिया। सुअर ने पूरी ताकत से टक्कर मारी, जिससे दारोगा जमीन पर गिर पड़े। गिरते ही सुअर ने उन पर बार-बार हमला करना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही स्थिति भयावह हो चुकी थी। दारोगा दर्द से झटपटाते रहे और खुद को बचाने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन सुअर का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा था।
वीडियो में कैद हुआ खौफनाक मंजर, डंडों के बावजूद नहीं रुका सुअर
इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि दो-तीन लोग डंडों से सुअर को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह बार-बार दारोगा पर हमला करता रहता है। सुअर की आक्रामकता इतनी ज्यादा थी कि कई सेकंड तक उसे रोका नहीं जा सका। गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग डर के मारे पीछे हटने लगे। वीडियो में दिख रहा है कि कैसे एक पल की चूक जानलेवा साबित हो सकती थी। आखिरकार काफी मशक्कत के बाद सुअर को दारोगा से दूर किया गया, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।
घायल दारोगा अस्पताल में भर्ती, वन विभाग ने दी सफाई
हमले में घायल वन दारोगा शिवम प्रताप सिंह को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उनके शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी सावधानी के साथ किया जा रहा था, लेकिन जंगली सुअर के अचानक आक्रामक हो जाने से यह हादसा हुआ। विभाग ने भविष्य में ऐसे अभियानों के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने की बात कही है। वहीं, गांववालों में अब भी दहशत का माहौल है और वे जंगली सुअरों से स्थायी राहत की मांग कर रहे हैं।
