Monday, February 2, 2026
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रात के अंधेरे में क्यों बिगड़ गया जयपुर का माहौल? मस्जिद के बाहर हिंसा, पुलिस पर पथराव और इंटरनेट बंद

जयपुर के चौमूं इलाके में मस्जिद के बाहर पत्थर हटाने को लेकर हिंसा भड़क गई। पुलिस पर पथराव हुआ, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। हालात काबू में हैं, लेकिन एहतियातन 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।

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राजस्थान की राजधानी जयपुर के ग्रामीण क्षेत्र चौमूं में शुक्रवार तड़के उस वक्त हालात बिगड़ गए, जब एक मस्जिद के बाहर लगे पत्थरों को हटाने को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। यह घटना सुबह करीब चार बजे की बताई जा रही है, जब इलाके में आमतौर पर सन्नाटा रहता है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, चौमूं तहसील के बस स्टैंड के पास स्थित मस्जिद के बाहर कुछ पत्थर लंबे समय से लगे हुए थे, जिन्हें हटाने को लेकर पहले ही बातचीत हो चुकी थी। प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच सहमति बनी थी कि इन पत्थरों को हटाया जाएगा, ताकि सार्वजनिक रास्ते में कोई बाधा न रहे। लेकिन देर रात अचानक मस्जिद से जुड़े कुछ लोगों ने वहां रेलिंग लगाकर बाउंड्री का काम शुरू कर दिया। इसी बात की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया।

पुलिस के रोकने पर बढ़ा तनाव, शुरू हुआ पथराव

पुलिस का कहना है कि जब बाउंड्री और रेलिंग लगाने का काम रोका गया, तो मौके पर मौजूद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। पहले बहस हुई, फिर देखते ही देखते माहौल गरमाने लगा। आरोप है कि पुलिस की सख्ती के बाद अचानक पथराव शुरू कर दिया गया। पत्थरबाजी इतनी तेज थी कि कई पुलिसकर्मी इसकी चपेट में आ गए। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। कुछ देर तक पूरा इलाका अफरा-तफरी के माहौल में डूबा रहा। आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों के दरवाजे बंद कर लिए। सड़क पर पत्थर बिखरे नजर आए और तनाव का माहौल देर तक बना रहा।

घायल पुलिसकर्मी और भारी सुरक्षा व्यवस्था

इस हिंसक झड़प में करीब छह पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। सभी घायल जवानों को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, अधिकतर को पत्थर लगने से चोटें आई हैं, हालांकि सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। चौमूं कस्बे को लगभग छावनी में तब्दील कर दिया गया है। हर चौक-चौराहे पर पुलिस की तैनाती है और लगातार गश्त की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और शांति बनी हुई है, लेकिन किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा रही।

इंटरनेट बंद, शांति बनाए रखने की कोशिश

हिंसा के बाद अफवाहों और भड़काऊ संदेशों के फैलने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। एहतियात के तौर पर चौमूं और आसपास के इलाकों में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। प्रशासन का मानना है कि सोशल मीडिया के जरिए गलत सूचनाएं तेजी से फैल सकती हैं, जिससे माहौल दोबारा खराब हो सकता है। इसलिए यह फैसला अस्थायी तौर पर लिया गया है। पुलिस और प्रशासन की ओर से स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जो भी कानून तोड़ने का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल जयपुर के इस इलाके में हालात काबू में हैं, लेकिन यह घटना प्रशासन और समाज दोनों के लिए एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।

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