Monday, February 2, 2026
Homeदेशदिल्ली की आधी रात में क्यों गूंजे धमाके? दरगाह के पास बुलडोजर,...

दिल्ली की आधी रात में क्यों गूंजे धमाके? दरगाह के पास बुलडोजर, पुलिस पर पथराव और गैस के गोले

दिल्ली के तुर्कमान गेट में फैज-ए-इलाही दरगाह के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान भारी बवाल, पुलिस पर पत्थरबाजी और जवाब में आंसू गैस. जानिए पूरी घटना, वजह और प्रशासन का पक्ष.

-

दिल्ली के पुराने इलाके तुर्कमान गेट में 6 और 7 जनवरी की दरम्यानी रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब फैज-ए-इलाही दरगाह के पास अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम (MCD) की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची। रात के सन्नाटे में शुरू हुई यह कार्रवाई देखते ही देखते भारी तनाव में बदल गई। प्रशासन ने पहले से भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक जवानों को तैनात किया था, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न फैले। लेकिन जैसे ही बुलडोजर बारात घर, डायग्नोस्टिक सेंटर और अन्य निर्माणों को हटाने लगे, आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग जमा होने लगे। कुछ ही देर में हालात बिगड़ गए और भीड़ ने पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। तंग गलियों वाले इस इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थिति तेजी से नियंत्रण से बाहर जाती दिखी।

पत्थरबाजी के बाद पुलिस का सख्त एक्शन

भीड़ के हमलावर होते ही पुलिस ने हालात संभालने के लिए सख्त कदम उठाए। बताया जा रहा है कि उपद्रवियों को पीछे हटाने के लिए 40 से 50 के करीब आंसू गैस के गोले छोड़े गए। तुर्कमान गेट की संकरी गलियों में धुएं का गुबार फैल गया, जिससे वहां मौजूद लोग इधर-उधर भागते नजर आए। पुलिसकर्मियों का कहना है कि उन्हें अंदेशा नहीं था कि स्थिति इतनी आक्रामक हो जाएगी। अचानक हुई पत्थरबाजी से कई जवानों को पीछे हटना पड़ा, लेकिन अतिरिक्त बल बुलाकर पूरे इलाके को घेर लिया गया। देर रात तक पुलिस की गश्त जारी रही और उपद्रव फैलाने वालों को खदेड़ा गया। हालात काबू में लाने के लिए हर एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई, ताकि कोई नई भीड़ इकट्ठा न हो सके।

अतिक्रमण विवाद की जड़ क्या है?

इस पूरे विवाद की जड़ एक पुरानी शिकायत में छिपी है। जानकारी के मुताबिक, एक NGO ने नगर निगम को शिकायत दी थी कि फैज-ए-इलाही दरगाह के आसपास रामलीला मैदान से जुड़ी जमीन और फुटपाथ पर अवैध निर्माण किया गया है। इसके बाद 16 अक्टूबर 2025 को L&DO, DDA और MCD की संयुक्त टीम ने इलाके का सर्वे किया। सर्वे रिपोर्ट में सामने आया कि करीब 2512 स्क्वायर फीट सरकारी जमीन और सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण किया गया है। इसी बीच एक अन्य फाउंडेशन ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर 12 नवंबर 2025 को कोर्ट ने MCD को तीन महीने के भीतर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि कार्रवाई से पहले सभी पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया जाए। तय समयसीमा पूरी होने के बाद ही 6-7 जनवरी की रात यह कार्रवाई शुरू की गई, जिसका विरोध हिंसक रूप ले बैठा।

फिलहाल हालात सामान्य, लेकिन सवाल बाकी

दिल्ली पुलिस के डीसीपी एन वॉल्सन ने बताया कि प्रशासन को पहले से अंदेशा था कि कार्रवाई के दौरान विरोध हो सकता है, इसलिए पूरी तैयारी की गई थी। उनके मुताबिक, देर रात कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने संयम और सख्ती के साथ स्थिति को संभाल लिया। फिलहाल तुर्कमान गेट इलाके में हालात सामान्य हैं और पुलिस बल अब भी एहतियात के तौर पर तैनात है। हालांकि, इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या ऐसी कार्रवाइयों से पहले स्थानीय लोगों से संवाद पर्याप्त था, और क्या भविष्य में इस तरह के टकराव रोके जा सकते हैं? फिलहाल प्रशासन राहत की सांस ले रहा है, लेकिन राजधानी के दिल में हुई यह आधी रात की हिंसा लंबे समय तक चर्चा में बनी रह सकती है।

Read more-नमाज के बाद अचानक बवाल! अमरोहा की मस्जिद में लाठी-डंडे और तमंचे, वीडियो ने खोले सनसनीखेज राज

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts