उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की सियासी तैयारियों के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लखनऊ में बीजेपी कार्यसमिति की बैठक के दौरान बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तीसरी बार सरकार बनती है तो यहां भी समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। अमित शाह के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में यूसीसी लागू हो चुका है और उत्तर प्रदेश में भी इसे लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उनके इस ऐलान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। पार्टी इस मुद्दे के जरिए अपने समर्थकों को एकजुट करने और चुनावी माहौल में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर सकती है।
‘यूपी में बीजेपी अंगद का पैर, कोई नहीं हिला सकता’, शाह ने कार्यकर्ताओं में भरा जोश
लखनऊ में आयोजित बीजेपी कार्यसमिति की बैठक में अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों में जुटने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की स्थिति बेहद मजबूत है और पार्टी को कोई हिला नहीं सकता। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं से अर्जुन की तरह लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने की अपील की। उन्होंने पार्टी के पुराने चुनावी सफर का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब उत्तर प्रदेश में बीजेपी के केवल 44 विधायक थे और संगठन को मजबूत करने की जरूरत थी। उन्होंने बताया कि संगठन को मजबूत करने के बाद पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में 41 प्रतिशत वोट हासिल कर 73 सीटों पर जीत दर्ज की थी। अमित शाह ने कहा कि पार्टी को इसी तरह मेहनत करते हुए आगे बढ़ना है और आगामी विधानसभा चुनाव में भी सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम करना है।
नोटबंदी से लेकर 312 सीटों तक का जिक्र, अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना
अमित शाह ने अपने संबोधन में 2017 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय नोटबंदी के बाद भी बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में शानदार प्रदर्शन किया था। अमित शाह के मुताबिक, पार्टी ने करीब 40 प्रतिशत वोट हासिल कर 312 सीटों पर जीत दर्ज की थी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि नोटबंदी के दौरान उन्हें रातभर नींद नहीं आई थी। शाह के इस बयान को बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक मुकाबले के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि चुनाव में जीत केवल नारों से नहीं बल्कि संगठन की मजबूती और जमीनी स्तर पर मेहनत से मिलती है। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे आगामी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार रहें और जनता के बीच जाकर पार्टी की नीतियों और योजनाओं को पहुंचाएं।
UCC पर अखिलेश यादव का तंज, बोले- ‘बड़ी देर कर दी, मेहरबां आते-आते’
अमित शाह के यूसीसी लागू करने वाले बयान पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। जब उनसे इस मुद्दे पर सवाल किया गया तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “बड़ी देर कर दी, मेहरबां आते-आते।” अखिलेश यादव की इस टिप्पणी को बीजेपी के ऐलान पर राजनीतिक कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है। समान नागरिक संहिता देश में एक ऐसा विषय है जिस पर लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस चल रही है। इसके तहत सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और अन्य पारिवारिक मामलों में समान कानून लागू करने की व्यवस्था की जाती है। अब अमित शाह के ताजा बयान के बाद उत्तर प्रदेश में यूसीसी को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज होने की संभावना है। हालांकि, इसे लागू करने के लिए राज्य सरकार को कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया से गुजरना होगा। आगामी विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा कितना प्रभावी होगा, इस पर सभी राजनीतिक दलों की नजर रहेगी।
