सीरिया में आतंकी संगठन ISIS के खिलाफ पश्चिमी देशों ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। ब्रिटेन और फ्रांस ने मिलकर एक बड़े संयुक्त हवाई हमले को अंजाम देते हुए ISIS के एक अहम अंडरग्राउंड ठिकाने को पूरी तरह तबाह कर दिया। यह हमला सीरिया के ऐतिहासिक शहर पलमायरा से कुछ मील उत्तर में स्थित पहाड़ी इलाके में किया गया, जहां आतंकियों ने जमीन के नीचे अपना नेटवर्क तैयार कर रखा था। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, यह इलाका लंबे समय से ISIS की गुप्त गतिविधियों का केंद्र बना हुआ था। राहत की बात यह रही कि जिस स्थान पर यह आतंकी ठिकाना मौजूद था, वहां किसी भी तरह की नागरिक आबादी नहीं थी। शुरुआती आकलन में इस बात की पुष्टि हुई है कि ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और किसी भी आम नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा। इस हमले को ISIS के बचे-खुचे नेटवर्क पर एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
RAF टाइफून जेट्स की सटीक कार्रवाई, Paveway IV बमों का इस्तेमाल
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस संयुक्त ऑपरेशन में ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स (RAF) के टाइफून FGR4 लड़ाकू विमानों ने अहम भूमिका निभाई। इन विमानों ने फ्रांस की वायुसेना के जेट्स के साथ मिलकर सटीक एयर स्ट्राइक की। मिशन के दौरान विमानों को वॉयेजर एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर से ईंधन सहायता दी गई, जिससे वे लंबे समय तक ऑपरेशन क्षेत्र में मौजूद रह सके। हमले में अत्याधुनिक Paveway IV गाइडेड बमों का इस्तेमाल किया गया, जो खास तौर पर भूमिगत ठिकानों और सुरंगों को नष्ट करने के लिए जाने जाते हैं। इन बमों ने ISIS के अंडरग्राउंड नेटवर्क तक जाने वाली सुरंगों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मिशन के बाद सभी ब्रिटिश और फ्रांसीसी विमान सुरक्षित अपने ठिकानों पर लौट आए, जिससे ऑपरेशन की सटीक योजना और क्रियान्वयन साफ झलकता है।
खुफिया जानकारी के आधार पर चुना गया लक्ष्य
खुफिया एजेंसियों की महीनों चली गहन जांच के बाद यह खुलासा हुआ था कि पलमायरा के पास मौजूद यह अंडरग्राउंड सुविधा ISIS द्वारा हथियार और विस्फोटक जमा करने के लिए इस्तेमाल की जा रही थी। यह ठिकाना संगठन के बचे हुए लड़ाकों के लिए एक सुरक्षित अड्डे के रूप में काम कर रहा था। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, इस स्थान से आतंकी गतिविधियों को फिर से संगठित करने की कोशिश की जा रही थी। इसी खतरे को देखते हुए ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त रूप से इस ठिकाने को निशाना बनाने का फैसला लिया। रक्षा अधिकारियों का कहना है कि मार्च 2019 में सीरिया के बाघूज फवकानी इलाके में ISIS की सैन्य हार के बाद भी संगठन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसी वजह से RAF लगातार सीरिया के ऊपर निगरानी और गश्त करता रहा है, ताकि ISIS के किसी भी पुनरुत्थान की कोशिश को समय रहते रोका जा सके।
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री का बयान
इस एयर स्ट्राइक के बाद ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने भी अपना बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि ब्रिटेन अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ISIS जैसी हिंसक और खतरनाक विचारधाराओं को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जॉन हीली ने इस मिशन में शामिल सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमता, साहस और समर्पण की सराहना की। रक्षा मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि क्रिसमस और न्यू ईयर जैसे त्योहारों के दौरान भी हजारों ब्रिटिश सैनिक दुनिया के विभिन्न हिस्सों में तैनात रहे। यह ऑपरेशन इस बात का साफ संदेश देता है कि ब्रिटिश सेना साल के हर दिन, हर परिस्थिति में देश की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए तैयार रहती है।
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