यह कहानी किसी फिल्मी सस्पेंस थ्रिलर जैसी है, जहां कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक महिला खुद पुलिस स्टेशन पहुंचती है और अपने पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराती है। मामला हैदराबाद के मियापुर थाना क्षेत्र का है। यहां के हफीजपेट स्थित अंबेडकर कॉलोनी में रहने वाला पेंटैया पिछले साल नवंबर महीने से अचानक लापता हो गया था। पति के गायब होने के बाद उसकी पत्नी सत्यवती ने ही मियापुर थाने में जाकर रोते-बिलखते हुए पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई और मामला दर्ज कराया। शुरुआती दिनों में पुलिस इसे एक सामान्य गुमशुदगी का मामला मानकर जांच कर रही थी। सत्यवती लगातार पुलिस के सामने ऐसा नाटक कर रही थी जैसे वह अपने पति के बिना टूट चुकी है और उसे ढूंढने के लिए दिन-रात तड़प रही है। लेकिन पुलिस को क्या पता था कि जिस महिला के आंसुओं पर वे भरोसा कर रहे हैं, उसी के हाथों पर उसके पति के खून के दाग छिपे हैं।
कॉल डिटेल और सीसीटीवी: तकनीकी जांच ने बिगाड़ा कातिल का खेल
कहते हैं कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कोई न कोई सुराग जरूर छोड़ जाता है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ। जैसे-जैसे महीने बीतते गए, पुलिस की तफ्तीश आगे बढ़ी। मियापुर पुलिस को धीरे-धीरे सत्यवती के बयानों और उसके हाव-भाव पर शक होने लगा। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए पारंपरिक तरीकों को छोड़कर आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। जांच टीम ने सत्यवती के मोबाइल फोन का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और उसका लोकेशन डेटा निकाला। जब पुलिस ने उस डेटा का बारीकी से अध्ययन किया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस समय पेंटैया लापता हुआ था, उस दौरान सत्यवती की बात एक अज्ञात नंबर पर लगातार हो रही थी और उसकी लोकेशन भी संदिग्ध पाई गई। इसके बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने शुरू किए, जिससे यह पूरी तरह साफ हो गया कि पेंटैया किसी हादसे का शिकार नहीं हुआ, बल्कि उसके खिलाफ एक सोची-समझी खौफनाक साजिश रची गई थी।
अवैध संबंध और खूनी साजिश: हैदराबाद में हत्या कर पड़ोसी राज्य में ठिकाना
तकनीकी सबूतों के आधार पर जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो सत्यवती का झूठा नाटक बिखर गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस के मुताबिक, सत्यवती का किसी अन्य व्यक्ति के साथ कथित तौर पर प्रेम प्रसंग चल रहा था। उसका पति पेंटैया इस अवैध संबंध के बीच में रोड़ा बन रहा था। इसी रास्ते के कांटे को हटाने के लिए सत्यवती ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर एक खौफनाक मर्डर प्लान तैयार किया। पिछले साल नवंबर में दोनों ने मिलकर बड़ी बेरहमी से पेंटैया को मौत के घाट उतार दिया। हत्या करने के बाद सबसे बड़ी चुनौती लाश को ठिकाने लगाने की थी ताकि पुलिस कभी उन तक न पहुंच सके। इसके लिए आरोपियों ने एक गाड़ी का इंतजाम किया और पेंटैया के शव को हैदराबाद से सैकड़ों किलोमीटर दूर महाराष्ट्र सीमा के पास ले गए। वहां एक बेहद सुनसान जगह देखकर उन्होंने शव को जमीन में दफना दिया और वापस लौटकर आम जिंदगी जीने लगे।
दो राज्यों की पुलिस का ज्वाइंट ऑपरेशन: जमीन खोदकर निकाला गया कंकाल
सत्यवती और उसके प्रेमी के कबूलनामे के बाद मियापुर पुलिस तुरंत हरकत में आई। मामला दूसरे राज्य से जुड़ा था, इसलिए हैदराबाद पुलिस ने बिना देर किए महाराष्ट्र पुलिस से संपर्क साधा और पूरी घटना की जानकारी साझा की। इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस की एक संयुक्त टीम (Joint Team) गठित की गई। आरोपी को साथ लेकर पुलिस बल महाराष्ट्र सीमा के उस सुनसान इलाके में पहुंचा जहां शव को दफनाने का दावा किया गया था। मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में तय स्थान पर खुदाई का काम शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद जमीन के नीचे से एक शव बरामद हुआ। शुरुआती जांच और कपड़ों के आधार पर उस शव की पहचान लापता पेंटैया के रूप में की गई है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम और डीएनए प्रोफाइलिंग (DNA Profiling) के लिए भेज दिया है ताकि वैज्ञानिक रूप से भी पहचान की पुष्टि हो सके। इस सनसनीखेज खुलासे ने पूरे इलाके के लोगों को हैरान कर दिया है।
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