दिल्ली के भोगल इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब लोगों ने सड़क किनारे एक संदिग्ध TATA Altroz कार को देखा, जिसके अंदर चार बड़े जूट बैग रखे हुए थे। कार घंटों से वहीं खड़ी थी और आसपास कोई व्यक्ति नजर नहीं आ रहा था।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। कुछ ही मिनटों में इलाका खाली कराया गया और बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेराबंदी में ले लिया और जांच शुरू की।
भोगल मार्केट के पास रहने वाले एक दुकानदार ने बताया, “सुबह करीब 10 बजे से कार यहां खड़ी थी। पहले लगा कोई ग्राहक होगा, लेकिन जब दोपहर तक कोई नहीं आया तो शक हुआ।”
एक अन्य स्थानीय निवासी ने कहा, “कार के शीशे आधे खुले थे और अंदर चार जूट बैग दिख रहे थे। किसी ने मज़ाक में कहा कि यह संदिग्ध लग रही है, फिर सबने पुलिस को कॉल कर दी।”
कुछ ही मिनटों में पुलिस ने क्षेत्र को बैरिकेड कर दिया और लोगों को दूर रहने की सलाह दी।
बम स्क्वॉड ने शुरू की जांच
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और बम डिस्पोजल यूनिट ने मौके पर पहुंचकर हाई-टेक उपकरणों से जांच शुरू की। सबसे पहले ड्रोन कैमरे के जरिए कार का ऊपर से निरीक्षण किया गया ताकि किसी विस्फोटक या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के संकेत मिल सकें।
इसके बाद BDS टीम ने बॉडी सूट पहनकर धीरे-धीरे कार के दरवाजे खोले। कार से चार जूट बैग बाहर निकाले गए जिन्हें सावधानीपूर्वक चेक किया गया।
बैग्स के अंदर मिला यह सामान
करीब एक घंटे की जांच के बाद बम स्क्वॉड ने राहत की खबर दी। बैग्स में कोई विस्फोटक नहीं मिला। अंदर पुराने कपड़े, कुछ इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स और डिलीवरी से जुड़े कागजात मिले।
पुलिस के अनुसार, यह संभावना है कि कार किसी डिलीवरी एजेंसी या कबाड़ व्यापारी की हो, जो गाड़ी खड़ी कर कहीं चला गया हो। फिर भी, पुलिस ने एहतियातन कार को जब्त कर लिया है और उसके नंबर से मालिक की तलाश शुरू कर दी है।
दिल्ली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और मौके पर अतिरिक्त बल तैनात कर दिया। स्पेशल सेल ने स्पष्ट किया कि राजधानी में किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना मिलते ही तत्काल जांच की जाती है।
एक अधिकारी ने कहा, “आज किसी ने घबराकर नहीं बल्कि सतर्कता दिखाकर कॉल की, और यही हमारी सुरक्षा प्रणाली की सफलता है।”
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और कहा कि अगर यह फर्जी अलार्म न होता, तब भी ऐसी जांच जरूरी थी क्योंकि सतर्कता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें
घटना के कुछ ही मिनटों बाद सोशल मीडिया पर उस कार की तस्वीरें वायरल होने लगीं। ट्विटर (X) और इंस्टाग्राम पर #SuspiciousCarDelhi और #DelhiAlert जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
लोगों ने लिखा कि दिल्ली में अब हर नागरिक सतर्क है और छोटी से छोटी चीज़ को भी हल्के में नहीं लिया जा रहा। कुछ यूजर्स ने पुलिस की फुर्ती की तारीफ करते हुए कहा, “अगर देश के हर कोने में पुलिस इतनी ही तेज हो, तो कोई भी खतरा बड़ा नहीं रह जाएगा।”
दिल्ली पुलिस ने बताया कि कार का रजिस्ट्रेशन नंबर फरीदाबाद का है और वाहन के स्वामित्व की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस टीमों ने आसपास के CCTV फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कार वहां किसने पार्क की थी और कब।
एक अधिकारी ने बताया कि “मालिक से पूछताछ के बाद ही यह साफ होगा कि कार जानबूझकर छोड़ी गई थी या किसी लापरवाही की वजह से।”
दिल्ली में बढ़ाई गई चौकसी
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने नजदीकी इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। रेलवे स्टेशन, बाजारों और बस टर्मिनलों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
BDS यूनिट को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी जगह पर संदिग्ध गाड़ी या बैग दिखे, तो तुरंत 112 या स्थानीय थाने को सूचना दें।
बम डिस्पोजल स्क्वॉड की कार्रवाई के दौरान इलाके में सैकड़ों लोग जमा हो गए थे। पुलिस को कई बार लाउडस्पीकर से लोगों को पीछे हटने की चेतावनी देनी पड़ी।
जांच पूरी होने के बाद इलाका दोबारा खोला गया, लेकिन आसपास का माहौल देर तक तनावपूर्ण रहा। दुकानदारों ने राहत की सांस ली, वहीं बच्चों और महिलाओं को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई।
भले ही कार से कुछ संदिग्ध नहीं मिला, लेकिन पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चार बैग ऐसे ही क्यों छोड़े गए थे।
कुछ सूत्रों का कहना है कि यह कार किसी व्यक्ति द्वारा अस्थायी रूप से पार्क की गई थी, लेकिन जांच तब तक जारी रहेगी जब तक सब स्पष्ट न हो जाए।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या दिल्ली में निगरानी सिस्टम और पार्किंग मॉनिटरिंग पर्याप्त है या नहीं।
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