Sunday, February 1, 2026
Homeदेशट्रेन से हो रही थी तस्करी, पुलिस ने किया भंडाफोड़, कछुओं की...

ट्रेन से हो रही थी तस्करी, पुलिस ने किया भंडाफोड़, कछुओं की कीमत जानकर उड़ जाएंगे होश

-

बिहार के गयाजी रेलवे स्टेशन पर एक बार फिर वन्यजीव तस्करों के मंसूबों पर पानी फिर गया है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक गुप्त सूचना के आधार पर ‘ऑपरेशन विलेप’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दून एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 13010) से कछुओं की एक बड़ी खेप बरामद की है। स्टेशन पर नियमित गश्त और सघन तलाशी अभियान के दौरान रेल पुलिस की नजर कोच नंबर S-3 में रखे कुछ लावारिस बैगों पर पड़ी। जब पुलिस ने इन बैगों की जांच की, तो उनके अंदर का नजारा देखकर सभी दंग रह गए। इन बैगों में बेहद अमानवीय तरीके से जीवित कछुओं को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। पुलिस की इस मुस्तैदी ने अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी के एक बड़े रैकेट को नाकाम कर दिया है।

24 लाख की कीमत और तस्करों का शातिराना अंदाज

बरामद किए गए कछुओं की कुल संख्या 48 बताई जा रही है, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 24 लाख रुपये आंकी गई है। तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए इन कछुओं को सामान्य दिखने वाले पिट्ठू बैग और झोलों में छिपा रखा था। जैसे ही ट्रेन गया स्टेशन पहुंची, आरपीएफ की टीम ने संदिग्ध बैगों के बारे में आसपास बैठे यात्रियों से पूछताछ की, लेकिन किसी ने भी उन पर अपना दावा नहीं किया। ऐसा माना जा रहा है कि पुलिस की भनक लगते ही तस्कर भीड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। इन कछुओं की तस्करी मुख्य रूप से मांस, दवाइयों और अंधविश्वास से जुड़ी मान्यताओं के कारण की जाती है, जिसके तार अंतरराज्यीय गिरोहों से जुड़े होने की आशंका है।

वन विभाग को सौंपे गए कछुए, जांच में जुटे अधिकारी

जब्त किए गए सभी 48 कछुओं को सुरक्षित रूप से आरपीएफ पोस्ट लाया गया, जहाँ उनकी गिनती और स्वास्थ्य जांच की गई। इसके तुरंत बाद गया वन विभाग को सूचित किया गया। रेंज अधिकारी आरती कुमारी की देखरेख में सभी जीवित कछुओं को वन विभाग की टीम को सौंप दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इन कछुओं को जल्द ही उनके प्राकृतिक आवास या सुरक्षित जलाशय में छोड़ दिया जाएगा। गौरतलब है कि पिछले एक हफ्ते के भीतर गयाजी जंक्शन पर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले भी दून एक्सप्रेस से ही 102 कछुए बरामद किए गए थे, जिनकी कीमत 51 लाख रुपये थी। लगातार हो रही इन बरामदगियों ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और तस्करी के नेटवर्क पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

रेलवे रूट बना तस्करी का नया अड्डा, पुलिस अलर्ट

उत्तर प्रदेश से पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाली ट्रेनें, विशेषकर दून एक्सप्रेस और नेताजी एक्सप्रेस, तस्करों का पसंदीदा रास्ता बनती जा रही हैं। आरपीएफ इंस्पेक्टर बनारसी यादव ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कछुओं की तस्करी एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है। पुलिस अब स्टेशन पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि उन संदिग्धों की पहचान की जा सके जिन्होंने इन बैगों को कोच में रखा था। इस घटना के बाद गयाजी जंक्शन सहित आसपास के स्टेशनों पर अलर्ट जारी कर दिया गया है और संदिग्ध सामानों की जांच तेज कर दी गई है। वन विभाग और रेल पुलिस मिलकर अब इस गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

Read More-हैदराबाद के इवेंट में अचानक बेकाबू हुई हजारों की भीड़, सुरक्षा घेरा तोड़ सामंथा की तरफ लपके फैंस; वायरल वीडियो देख कांप उठेंगे आप!

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts