Friday, March 13, 2026
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 तेजल, पायल और अंजली के जाल में फंसे रिटायर्ड टीचर, कपड़े निकाल कर सामने आ गई महिला फिर…

राजकोट में रिटायर्ड टीचर को तेजल, पायल और अंजली नाम की महिलाओं ने हनीट्रैप में फंसाकर लाखों रुपये की ब्लैकमेलिंग की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, संगठित गिरोह की आशंका।

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गुजरात के राजकोट में हनीट्रैप का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। यहां एक रिटायर्ड टीचर को तीन महिलाओं ने ऐसी चाल में फंसा दिया कि उन्हें लाखों रुपये देने पड़े। जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला धीरे-धीरे दोस्ती से शुरू हुआ, लेकिन बाद में यह एक बड़े ब्लैकमेलिंग के खेल में बदल गया।

बताया जा रहा है कि तेजल, पायल और अंजली नाम की महिलाओं ने पहले रिटायर्ड टीचर से संपर्क किया। बातचीत बढ़ने के बाद उन्होंने मिलने का प्रस्ताव रखा और उन्हें एक होटल में बुलाया। टीचर को लगा कि यह सामान्य मुलाकात होगी, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि वहां उनके लिए एक साजिश तैयार की जा चुकी है। होटल के कमरे में पहुंचने के बाद घटनाओं ने अचानक ऐसा मोड़ लिया कि वह पूरी तरह से फंस गए।

होटल के कमरे में बनाई गई आपत्तिजनक स्थिति

पुलिस जांच में सामने आया कि होटल के कमरे में पहुंचने के बाद एक महिला ने अचानक ऐसी स्थिति बना दी जिससे टीचर घबरा गए। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। बाद में उसी वीडियो को आधार बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया गया।

आरोप है कि पहले टीचर को डराया गया कि अगर उन्होंने पैसे नहीं दिए तो वीडियो सोशल मीडिया और परिवार के लोगों तक पहुंचा दिया जाएगा। बदनामी के डर से टीचर बेहद तनाव में आ गए। शुरुआत में उनसे लगभग 12 लाख रुपये देने की बात कही गई। टीचर ने मामला शांत करने के लिए कुछ पैसे देने की कोशिश भी की, लेकिन इसके बाद आरोपियों की मांग बढ़ती चली गई। इस तरह धीरे-धीरे ब्लैकमेलिंग का यह खेल लंबा चलता गया और पीड़ित मानसिक रूप से परेशान हो गए। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि इस जाल से बाहर कैसे निकलें।

जब बढ़ने लगी रकम की मांग, तब पुलिस तक पहुंचा मामला

कुछ समय बाद जब ब्लैकमेलिंग की रकम लगातार बढ़ने लगी और आरोपियों का दबाव ज्यादा हो गया, तब रिटायर्ड टीचर ने हिम्मत जुटाकर पुलिस से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी।

जांच के दौरान पुलिस को शक हुआ कि यह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं बल्कि एक संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है। ऐसे गिरोह अक्सर सोशल मीडिया या फोन के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं और उन्हें मिलने के लिए बुलाकर इस तरह के जाल में फंसा देते हैं।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही होटल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि पूरी साजिश की सच्चाई सामने आ सके। अधिकारियों का कहना है कि अगर आरोप साबित होते हैं तो सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि आजकल हनीट्रैप के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनमें लोगों को दोस्ती या मुलाकात के बहाने फंसाया जाता है। बाद में उनकी निजी तस्वीरें या वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है।

सोशल मीडिया या फोन के जरिए मिलने वाले अनजान लोगों पर आसानी से भरोसा नहीं करना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति अचानक मिलने के लिए दबाव बनाए या संदिग्ध व्यवहार करे तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए।

राजकोट का यह मामला इस बात का बड़ा उदाहरण बन गया है कि किस तरह एक छोटी सी गलती किसी को बड़ी परेशानी में डाल सकती है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए लोगों की जागरूकता भी बहुत जरूरी है।

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