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मोदी-जिनपिंग की मुलाकात के बाद चीन ने मानी भारतीय सेना की बात? बॉर्डर पर किया ये काम

LAC पर चीन की सेना की तैनाती में कमी की जानकारी सामने आई है। रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में PLA की तैनाती और भारत-चीन सीमा वार्ता से जुड़े अहम अपडेट जानें।

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भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर लंबे समय से चले आ रहे सैन्य तनाव को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। रक्षा मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत की उत्तरी सीमा के सामने चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की तैनाती में कमी दर्ज की गई। रिपोर्ट में चीन के सीमावर्ती इलाकों और वहां मौजूद सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्रों में PLA की 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड का उल्लेख किया गया है। इस जानकारी को दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव घटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, केवल सैनिकों की संख्या में कमी से सीमा विवाद का पूरी तरह समाधान हो गया है, ऐसा कहना जल्दबाजी होगी।

 2020 के तनाव के बाद अब बदले हालात

पूर्वी लद्दाख में वर्ष 2020 से भारत और चीन के सैनिकों के बीच तनाव बना हुआ था। इसके बाद दोनों देशों ने सैन्य कमांडर स्तर और कूटनीतिक माध्यमों से लगातार बातचीत की। इसी प्रक्रिया के तहत वर्ष 2024 में कुछ इलाकों में सैनिकों के पीछे हटने यानी डिसइंगेजमेंट की प्रक्रिया आगे बढ़ी। अब 2025 में चीनी सेना की तैनाती कम होने की जानकारी सामने आने के बाद इसे तनाव कम करने की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि सीमा पर सैनिकों की संख्या घटे और पहले जैसी सामान्य स्थिति बहाल हो। दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली और सीमा पर स्थिरता कायम करना इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।

सीमा विवाद पर फिर शुरू हुई स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव वार्ता

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों पर स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव (SR) स्तर की बातचीत भी दोबारा शुरू हुई। दिसंबर 2024 और अगस्त 2025 में इस स्तर पर दो दौर की वार्ता आयोजित की गई। इन बैठकों का उद्देश्य सीमा विवाद के समाधान के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक रास्ते तलाशना है। लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद के बीच इस बातचीत को दोनों देशों के संबंधों में संवाद बहाल करने की कोशिश के रूप में देखा गया। सीमा पर सैन्य तनाव कम करने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाना भी जरूरी माना जाता है। ऐसे में SR वार्ता की बहाली को एक सकारात्मक घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।

मोदी की चीन यात्रा से रिश्तों में सुधार की कोशिश

अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा के दौरान भी दोनों देशों के संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिश हुई। प्रधानमंत्री चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान भारत और चीन के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। इसके बाद 2026 के ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भी दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क चर्चा में रहा। LAC पर PLA की तैनाती में कमी और उच्चस्तरीय बातचीत की बहाली से संकेत मिलता है कि भारत-चीन संबंधों में तनाव घटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। हालांकि, सीमा पर स्थायी शांति के लिए सैनिकों की स्थिति, गश्त और लंबित विवादों जैसे मुद्दों पर ठोस प्रगति जरूरी होगी।

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