Ratlam Train Accident: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में गुरुवार रात एक ऐसी घटना हुई, जिसने रेलवे फाटक पर बरती जाने वाली लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए। रतलाम-जावरा रेलखंड के बंजली रेलवे फाटक पर एक कार रेलवे ट्रैक पर फंस गई। इसी दौरान वहां से गुजर रही यात्री ट्रेन कार से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई। बताया जा रहा है कि कार में सवार लोग टक्कर से पहले ही बाहर निकल चुके थे। वहीं, लोको पायलट ने भी संभावित खतरे को देखते हुए ट्रेन की गति कम करने के लिए आपातकालीन ब्रेक लगाए। इस घटना के बाद रेलवे फाटक पार करते समय जल्दबाजी करने वालों की लापरवाही को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
बंद होने वाला था रेलवे फाटक, तभी पटरी पर फंस गई कार
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना गुरुवार रात करीब 10:30 बजे रतलाम और नामली रेलवे स्टेशनों के बीच हुई। बंजली रेलवे फाटक पर कार चालक ने फाटक बंद होने से ठीक पहले अपनी गाड़ी को ट्रैक से निकालने की कोशिश की। इसी दौरान फाटक बंद हो गया और कार पटरियों के बीच फंस गई। चालक की जल्दबाजी के कारण स्थिति बेहद खतरनाक हो गई। कुछ ही देर बाद वलसाड-हिसार स्पेशल यात्री ट्रेन संख्या 04728 वहां पहुंच गई। ट्रेन के सामने कार फंसी देखकर टक्कर को रोकना मुश्किल हो गया। इसके बाद ट्रेन कार से जा भिड़ी। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सबसे बड़ा सवाल यही है कि फाटक बंद होने के संकेत के बावजूद चालक ने कार को ट्रैक पर ले जाने का जोखिम क्यों उठाया। फिलहाल, रेलवे मामले की जांच कर रहा है।
लोको पायलट ने समय रहते उठाया कदम
इस दुर्घटना में राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि कार में सवार लोग टक्कर से पहले ही वाहन से उतर गए थे। रेलवे के रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, लोको पायलट ने भी संभवतः आपातकालीन ब्रेक लगाए, जिससे ट्रेन की रफ्तार कम हुई और बड़ा हादसा टल गया। यदि कार में लोग मौजूद होते या ट्रेन की गति अधिक रहती, तो परिणाम गंभीर हो सकते थे। हालांकि, घटना में कार को नुकसान पहुंचा और रेल परिचालन भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोग रेलवे फाटक पर सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं। रेलवे सुरक्षा के लिहाज से यह घटना एक अहम चेतावनी है कि कुछ सेकंड बचाने की कोशिश यात्रियों और वाहन चालकों की जान जोखिम में डाल सकती है।
रात 11:40 बजे रवाना हुई ट्रेन
टक्कर के बाद रेलवे कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त कार को ट्रैक से हटाने की कार्रवाई की। रास्ता साफ होने के बाद वलसाड-हिसार स्पेशल ट्रेन को रात करीब 11 बजकर 40 मिनट पर आगे के सफर के लिए रवाना किया गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कार किस परिस्थिति में पटरियों पर फंसी और सुरक्षा नियमों का पालन हुआ या नहीं। रेलवे फाटक पार करते समय वाहन चालकों को संकेतों का इंतजार करना चाहिए और बैरियर बंद होने की स्थिति में आगे बढ़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। थोड़ी-सी जल्दबाजी न केवल वाहन में सवार लोगों, बल्कि ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों के लिए भी बड़ा खतरा बन सकती है। इस घटना में किसी के हताहत न होने से राहत जरूर मिली, लेकिन हादसे ने सुरक्षा नियमों के पालन की अहमियत फिर सामने ला दी।
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