राजस्थान BJP मुख्यालय में शुक्रवार को एक ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला, जिसकी चर्चा पूरे दिन होती रही। केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान अचानक बिजली चली गई और पूरा हॉल अंधेरे में डूब गया। उस समय बड़ी संख्या में पत्रकार और पार्टी पदाधिकारी मौजूद थे। बिजली जाते ही कुछ देर के लिए कार्यक्रम रुक गया। गर्मी और उमस के बीच मौजूद लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बाद में मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट की मदद से कार्यक्रम को जारी रखा गया। इस अप्रत्याशित घटना ने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया।
ऊर्जा मंत्री भी मंच पर थे मौजूद
इस घटना की सबसे खास बात यह रही कि जब बिजली गुल हुई, उस समय राजस्थान के ऊर्जा मंत्री Heeralal Nagar भी मंच पर मौजूद थे। बिजली कटने के बाद कुछ समय तक सभी ने स्थिति सामान्य होने का इंतजार किया। बताया जा रहा है कि ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों से संपर्क कर समस्या की जानकारी लेने की कोशिश की। कुछ देर बाद वह हॉल से बाहर भी चले गए। इस दौरान कार्यक्रम में शामिल लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि आखिर ऊर्जा विभाग के जिम्मेदार मंत्री की मौजूदगी में ही बिजली कैसे चली गई। बाद में बिजली आपूर्ति बहाल होने पर वे दोबारा कार्यक्रम स्थल पर लौटे।
तीन बार बिजली कटने से बढ़ी परेशानी
जानकारी के अनुसार, पूरे कार्यक्रम के दौरान बिजली एक नहीं बल्कि तीन बार बाधित हुई। इनमें से एक बार बिजली करीब 10 से 13 मिनट तक नहीं आई। इस वजह से कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने में दिक्कत हुई। अंधेरे और गर्मी के बीच पत्रकारों और पार्टी कार्यकर्ताओं को इंतजार करना पड़ा। कई लोगों ने मोबाइल की रोशनी का सहारा लिया। बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद कार्यक्रम फिर से सामान्य तरीके से शुरू हुआ। हालांकि इस घटना ने आयोजन व्यवस्था और बिजली प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए। कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी पार्टी के कई पदाधिकारी इस घटना को लेकर चर्चा करते दिखाई दिए।
राजनीतिक बयानबाजी भी रही चर्चा में
बिजली की इस घटना के बीच केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot के कुछ बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा विकास के मुद्दों पर काम करने में विश्वास रखती है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप चलते रहते हैं, लेकिन उनकी प्राथमिकता विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है। हालांकि कार्यक्रम के दौरान हुई बिजली कटौती ने राजनीतिक चर्चा से ज्यादा लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। फिलहाल बिजली जाने की वजह क्या थी, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन यह घटना दिनभर चर्चा का विषय बनी रही।
