Sunday, February 1, 2026
Homeदेशघर की नींव खोदी… और निकल आया 70 लाख का सोना! तांबे...

घर की नींव खोदी… और निकल आया 70 लाख का सोना! तांबे के बर्तन ने गांव को बना दिया पुलिस छावनी

कर्नाटक के गडग जिले के एक गांव में घर की नींव खुदाई के दौरान तांबे के बर्तन में छिपा मिला करीब 70 लाख रुपये का सोना। जानिए कैसे एक सामान्य खुदाई अचानक प्रशासन, पुलिस और गांव वालों के लिए बड़ी घटना बन गई।

-

कर्नाटक के गडग जिले के लक्कुडी गांव में एक साधारण सा दिन उस वक्त असाधारण बन गया, जब एक घर की नींव खोदाई के दौरान जमीन के नीचे छिपा एक रहस्यमयी तांबे के बर्तन सामने आया। यह घटना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। शुरुआत में मजदूरों को लगा कि यह कोई पुराना बर्तन है, लेकिन जैसे ही उसे बाहर निकाला गया, पूरे गांव में हलचल मच गई। बर्तन के अंदर चमकते सोने के गहनों ने सभी को हैरान कर दिया। देखते ही देखते खबर गांव की गलियों से निकलकर पुलिस और प्रशासन तक पहुंच गई। गांव वालों की भीड़ मौके पर उमड़ पड़ी और माहौल पूरी तरह बदल गया। जिस जगह कुछ घंटे पहले शांत माहौल था, वहां अचानक लोगों की आवाजाही, चर्चा और उत्सुकता ने जगह ले ली। नींव खुदाई का यह काम एक छात्र के घर में चल रहा था, लेकिन इस खोज ने पूरे इलाके को सुर्खियों में ला दिया।

तांबे के बर्तन में छिपा था लाखों का सोना

अधिकारियों के अनुसार, तांबे के इस प्राचीन बर्तन में करीब एक किलोग्राम वजन के सोने के आभूषण रखे हुए थे। इनमें सोने की चेन, चूड़ियां,तांबे के बर्तन अंगूठियां और अन्य पारंपरिक गहने शामिल हैं। शुरुआती आकलन में इनकी users बाजार कीमत करीब 60 से 70 लाख रुपये बताई गई है। यह घटना उस समय सामने आई जब आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले प्रज्वल रित्ती के घर की नींव खुदाई का काम चल रहा था। मजदूरों ने जैसे ही बर्तन देखा, उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी घर के सदस्यों और गांव के बुजुर्गों को दी। इसके बाद बिना देर किए पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के गहने और बर्तन किसी पुराने समय की संपत्ति हो सकते हैं, जिन्हें सुरक्षा या किसी खास कारण से जमीन के नीचे छिपाया गया होगा। हालांकि, इसकी सही ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की जांच अभी की जानी बाकी है।

सूचना मिलते ही गांव पहुंचा प्रशासन

गडग पुलिस को दोपहर करीब तीन बजे इस घटना की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत गांव पहुंची और पूरे इलाके को सीज कर दिया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। अधिकारियों ने बरामद सोने के गहनों को अस्थायी रूप से पास के एक मंदिर में सुरक्षित रखा, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या अव्यवस्था से बचा जा सके। इसके बाद गांव के बुजुर्गों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया। पंचनामा एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसमें पांच गवाहों की मौजूदगी में पूरी घटना और बरामद सामग्री का विवरण दर्ज किया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान कुल 22 सोने के गहनों का वजन करीब 466 से 470 ग्राम के बीच पाया गया, साथ ही एक प्राचीन तांबे का बर्तन भी जब्त किया गया। अधिकारियों ने पूरे मामले को पूरी पारदर्शिता के साथ दर्ज किया, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न हो।

सरकारी खजाने में जमा, जांच जारी

सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद भारी सुरक्षा के बीच बरामद सोने के आभूषणों को सरकारी खजाने में जमा करा दिया गया। फिलहाल प्रशासन और पुरातत्व विभाग इस बात की जांच कर रहे हैं कि यह खजाना किस समय का है और इसे जमीन के नीचे क्यों छिपाया गया था। गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे पुराने जमाने के जमींदारों की संपत्ति बता रहे हैं, तो कुछ इसे ऐतिहासिक धरोहर मान रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस पूरी घटना ने लक्कुडी गांव को अचानक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक साधारण नींव खुदाई ने यह साबित कर दिया कि जमीन के नीचे आज भी इतिहास और रहस्य छिपे हो सकते हैं, जो कभी भी सामने आकर सबको चौंका सकते हैं।

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts