देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को सियासी पारा अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया। नीट (NEET) परीक्षा मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) द्वारा संसद भवन मार्च निकाला गया। इस प्रदर्शन के दौरान दिल्ली की सड़कों पर जोरदार हंगामा और सुरक्षाबलों के साथ तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इसी गहमा-गहमी और भारी विरोध प्रदर्शन के बीच बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव का एक ऐसा बयान सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। पप्पू यादव ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए एक बेहद सख्त टिप्पणी की है।
एक्स (X) हैंडल पर लिखी चौंकाने वाली बात
संसद मार्च को लेकर मचे बवाल के तुरंत बाद सांसद पप्पू यादव ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा किया। हालांकि, अपने इस पोस्ट में उन्होंने दिल्ली में चल रहे सीजेपी के प्रोटेस्ट का सीधा जिक्र तो नहीं किया, लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर देश के मौजूदा राजनीतिक हालात और शीर्ष नेतृत्व की तरफ था। पप्पू यादव ने बेहद आक्रामक लहजे में लिखा कि प्रधानमंत्री जी को अगर अपनी निजी गरिमा का ख्याल न हो, तो कम-से-कम उन्हें अपने पद की मर्यादा का ध्यान जरूर रखना चाहिए। सांसद के इस डिजिटल वार ने सोशल मीडिया पर यूजर्स के बीच एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
’76 साल का बच्चा…’ तंज कसते हुए दी नसीहत
पप्पू यादव यहीं नहीं रुके, उन्होंने अपने पोस्ट की अगली लाइनों में शब्दों की मर्यादा को लेकर और भी तीखा तंज कसा। पूर्णिया सांसद ने आगे लिखा, “वैसे मैं पीएम साहब की बात कर रहा हूं, किसी 76 साल के बच्चे की नहीं! जिसे मर्यादा या गरिमा की समझ न हो!” पप्पू यादव का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीट विवाद और विपक्ष के लगातार हमलों के बीच पप्पू यादव का प्रधानमंत्री पर इस तरह सीधा और व्यक्तिगत रूप से हमला बोलना, आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक की लड़ाई को और ज्यादा आक्रामक बनाने का संकेत है।
नीट विवाद पर सरकार को घेरने की रणनीति
गौरतलब है कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है। जहां एक तरफ दिल्ली की सड़कों पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शनकारी अड़े हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ पप्पू यादव जैसे दिग्गज नेताओं के बयानों ने सरकार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। पप्पू यादव हमेशा से अपने बेबाक और कड़े रुख के लिए जाने जाते हैं, और उनका यह ताजा हमला यह साफ करता है कि वे युवाओं और छात्रों के मुद्दे पर सरकार को जरा भी राहत देने के मूड में नहीं हैं। अब देखना यह होगा कि सत्ता पक्ष की ओर से पप्पू यादव के इस तीखे और तंज भरे बयान पर क्या पलटवार आता है।
