हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में संजोली मस्जिद मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने नगर निगम शिमला के कमिश्नर की अदालत के 5 अक्टूबर 2024 के फैसले को लागू करने का आदेश दिया है। इस फैसले के तहत मस्जिद की दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल को गिराने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ये तीनों मंजिलें वक्फ बोर्ड द्वारा भी अवैध मानी गई हैं और इन्हें तुरंत हटाना होगा।
मस्जिद कमेटी को लगा बड़ा झटका
देवभूमि संघर्ष समिति के वकील जगतपाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि हाईकोर्ट ने सवाल किया है कि 5 अक्टूबर 2024 के फैसले को अब तक लागू क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता ने कोर्ट में इस संबंध में अंडरटेकिंग दी है और अदालत ने नगर निगम को चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
चार सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने के निर्देश
हाईकोर्ट ने नगर निगम शिमला को मस्जिद की अवैध मंजिलें गिराने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि नगर निगम को अपने आदेशों को लागू करने में किसी प्रकार की देरी नहीं करनी चाहिए। कोर्ट की इस सख्त टिप्पणी से यह स्पष्ट हो गया है कि अब मस्जिद के निर्माण को लेकर किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
वक्फ बोर्ड को बड़ा झटका
संजोली मस्जिद विवाद ने स्थानीय प्रशासन और वक्फ बोर्ड दोनों के लिए एक चुनौती पेश की है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब यह मामला तेज गति से आगे बढ़ सकता है। स्थानीय लोग भी इस आदेश की समीक्षा कर रहे हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि मस्जिद की अवैध मंजिलें जल्द हटाई जाएंगी। प्रशासन और वक्फ बोर्ड की कार्रवाई पर पूरी नजर रखी जा रही है।
