नादिया जिले के नवद्वीप में हाल ही में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने हर किसी का दिल झकझोर दिया। भयंकर ठंड की रात में एक नवजात बच्चा सड़क पर पड़ा था। यह बच्चा जन्म के कुछ ही घंटे पुराने थे और उसके शरीर पर प्रसव के निशान स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। दुर्भाग्यवश, उसके पास कोई कंबल नहीं था और न ही कोई पत्र या संकेत छोड़ा गया था कि उसकी देखभाल के लिए कोई जिम्मेदार है। लोग इस घटना को सुनकर हैरान रह गए क्योंकि इतनी ठंड में बच्चा जीवित रहना लगभग असंभव था।
आवारा कुत्तों ने बचाई बच्चे की जान
जिन आवारा कुत्तों से अक्सर खतरे की खबरें आती रहती हैं, उन्होंने इस बार दिल छू देने वाला काम किया। जैसे ही बच्चे की रोने की आवाज़ आई, आसपास के कुत्ते उसकी ओर दौड़े, लेकिन उन्होंने हमला करने की बजाय उसकी सुरक्षा करना शुरू कर दिया। कुत्तों ने बच्चे के चारों ओर सुरक्षा की एक प्राकृतिक परत बना दी और रात भर उसकी देखभाल करते रहे। यह देख कर स्थानीय लोग और सोशल मीडिया पर लोग चकित रह गए। किसी ने इसे “कुत्तों का करिश्मा” और किसी ने इसे “जीवन बचाने वाला चमत्कार” कहा।
रात भर कुत्तों ने की नवजात की सुरक्षा
सुबह जैसे ही सूरज की पहली किरणें पड़ीं, कुत्ते धीरे-धीरे बच्चे से हटे। स्थानीय लोग जब वहाँ पहुंचे, तो देखा कि बच्चा जीवित था और रो रहा था। बच्चे की सुरक्षा के लिए कुत्तों ने रात भर ठंडी सड़कों पर उसे ढककर रखा और उसके आसपास सतर्क रहे। यह घटना साबित करती है कि जानवरों में भी इंसानों के लिए संवेदना और देखभाल की भावना होती है। स्थानीय लोगों ने तुरंत बच्चे को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और अस्पताल में भर्ती कराया।
घटना से हैरान हुए लोग
इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। लोग कुत्तों की इस बहादुरी और इंसानों के प्रति उनकी मित्रता की मिसाल से बहुत प्रभावित हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अनोखे मामलों में हमें जानवरों के प्रति सम्मान और सहानुभूति बढ़ाने की आवश्यकता है। यह घटना केवल एक जीवन बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में मानव और जानवरों के बीच की भावनात्मक जुड़ाव की महत्वपूर्ण सीख भी देती है। लोग इस कहानी को प्रेरणा के रूप में साझा कर रहे हैं और इसे “चमत्कारी घटना” और “दर्द और आशा की कहानी” के रूप में देख रहे हैं।
Read more-पांच बच्चों की मां ने बेटे की उम्र के युवक से रचाई शादी, पति बोला—“जब साथ नहीं रहना तो…”
