नेपाल हाल के महीनों में एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय रैकेट के केंद्र के रूप में उभरा है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन से आने वाले कुछ पुरुष नेपाल को ‘दुल्हन खोजने’ का नया बाजार मानने लगे हैं। इसके पीछे कई सामाजिक और आर्थिक कारण बताए जा रहे हैं। चीन में विवाह योग्य महिलाओं की कमी और ग्रामीण इलाकों में शादी को लेकर बढ़ती मुश्किलों के बीच दलालों ने नेपाल को आसान विकल्प के रूप में पेश किया। नेपाली महिलाओं को बेहतर जीवन, विदेश में बसने और आर्थिक सुरक्षा का सपना दिखाकर संपर्क किया गया। यह पूरा नेटवर्क ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, सोशल मीडिया और निजी मैसेजिंग ऐप्स के जरिए संचालित किया जा रहा था, जिससे इसकी भनक लंबे समय तक अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाई।
ऑनलाइन दलाल, वीडियो कॉल और ‘चयन’ की प्रक्रिया
जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क की रीढ़ ऑनलाइन बिचौलिए और दलाल थे, जो नेपाली महिलाओं और चीनी नागरिकों के बीच संपर्क स्थापित करते थे। महिलाओं के वीडियो बनाए जाते थे, जिनमें उनकी निजी जानकारी, बातचीत और तस्वीरें शामिल होती थीं। इन वीडियो को चीन में संभावित ‘ग्राहकों’ तक भेजा जाता और फिर पसंद के आधार पर आगे की बातचीत कराई जाती। कुछ मामलों में यह सब सोशल मीडिया पर खुले तौर पर साझा किया गया, जबकि कई सौदे निजी चैट ग्रुप्स में तय किए गए। नेपाली अधिकारियों के अनुसार, यह सिर्फ रिश्ते तय करने का मामला नहीं था, बल्कि इसके पीछे पैसों का लेन-देन, वीजा नियमों की अनदेखी और संभावित मानव तस्करी का खतरा भी शामिल था।
काठमांडू के अपार्टमेंट से खुला पूरा नेटवर्क
इस पूरे मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब नेपाल के आव्रजन अधिकारियों ने पिछले महीने काठमांडू में किराए के एक अपार्टमेंट पर छापा मारा। यहां कई नेपाली महिलाएं कुछ चीनी नागरिकों के साथ रह रही थीं। पूछताछ में सामने आया कि ये लोग पर्यटन वीजा पर नेपाल आए थे और यहां लंबे समय से रह रहे थे, जो वीजा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन था। अधिकारियों ने चार चीनी नागरिकों को हिरासत में लेने के बाद वीजा उल्लंघन के आरोप में निर्वासित कर दिया। हालांकि, जबरन शादी या मानव तस्करी के पुख्ता सबूत न मिलने के कारण उन आरोपों में कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बावजूद इस घटना ने नेपाली प्रशासन को सतर्क कर दिया और सीमा पार विवाह से जुड़े मामलों पर निगरानी तेज कर दी गई।
चीन की चेतावनी और नेपाल में बढ़ी सख्ती
मामले के सामने आने के बाद नेपाल स्थित चीनी दूतावास ने भी ट्रैवल एडवाइजरी जारी की। इसमें चीनी नागरिकों को ‘दुल्हन खरीदारों’ और संदिग्ध विवाह एजेंसियों से दूर रहने की सलाह दी गई है। दूतावास ने साफ कहा कि धोखे, लालच या गैरकानूनी तरीके से सीमा पार विवाह कराना चीनी कानून के तहत अपराध है। वहीं नेपाल सरकार ने भी संकेत दिए हैं कि ऐसे मामलों में अब सख्त जांच की जाएगी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर नजर रखी जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि यह सिर्फ एक अपार्टमेंट या कुछ लोगों तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले हो सकते हैं। यही वजह है कि ‘ऑपरेशन नेपाली दुल्हन’ को आने वाले समय में और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
