दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर बयानों के तीखे तीर चलने लगे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और भारतीय जनता पार्टी के बीच छिड़ा विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने CJP नेता आशुतोष रांका के एक बयान पर जोरदार पलटवार करते हुए उन्हें आड़े हाथों लिया है। तिवारी के इस तीखे बयान के बाद राजधानी का सियासी पारा काफी चढ़ गया है।
दिल्ली पुलिस और CJP विवाद की पूरी पृष्ठभूमि
यह पूरा विवाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को बुलाई गई CJP की एक रैली से जुड़ा है। दिल्ली पहुंचते ही पुलिस ने CJP के तीन मुख्य सदस्यों—अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को हिरासत में ले लिया था। इसी दौरान अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की दुखद सूचना मिली। CJP का आरोप था कि पुलिस ने उन्हें परिवार से बात नहीं करने दी, जबकि दिल्ली पुलिस ने वीडियो जारी कर इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
आशुतोष रांका के आरोपों पर मनोज तिवारी का फूटा गुस्सा
विवाद बढ़ने के बाद बीते रविवार को CJP नेता आशुतोष रांका ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली पुलिस पर संवेदनशीलता न दिखाने और गंभीर आरोप लगाए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए तीखा हमला बोला। तिवारी ने कहा कि ये लोग झूठ बोलने में केजरीवाल के भी बाप निकले और उन्होंने इतनी जल्दी अपनी किरकिरी करा ली, जिसकी उम्मीद नहीं थी।
वीडियो वार और दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे
इस मामले में राजनीति तब और गरमा गई जब दिल्ली पुलिस ने एक वीडियो साक्ष्य सार्वजनिक किया। पुलिस का दावा है कि हिरासत के दौरान अभिजीत दीपके को उनके परिजनों से बात करने का पूरा विकल्प दिया गया था, लेकिन उन्होंने खुद ही बात करने से इनकार कर दिया था। इसके विपरीत, CJP नेताओं का कहना है कि पुलिस का यह वीडियो और उनके दावे पूरी तरह मनगढ़ंत और गुमराह करने वाले हैं।
