Samastipur News: बिहार के समस्तीपुर में लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के नेता और कारोबारी अंटू ईश्वर की गिरफ्तारी का मामला सामने आया है। बिहार एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर मोहल्ले में उनके आवास पर कार्रवाई की। पुलिस के पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद अंटू ईश्वर कथित तौर पर एक कमरे में जाकर अंदर से बंद हो गए। करीब तीन घंटे तक पुलिस कमरे का दरवाजा खुलवाने का प्रयास करती रही। जब समझाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में ताला तोड़कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ भी जुट गई थी।
पुलिस पहुंची तो कमरे में बंद हो गए अंटू ईश्वर
पुलिस के अनुसार, अंटू ईश्वर के खिलाफ हाजीपुर के गंगा ब्रिज थाने में दर्ज एक मामले में अदालत से गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। इसी वारंट के आधार पर उनकी तलाश की जा रही थी। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस को उनके बहादुरपुर स्थित आवास पर मौजूद होने की जानकारी मिली थी। टीम के पहुंचने के बाद उन्होंने कथित तौर पर खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। पुलिस ने काफी देर तक दरवाजा खुलवाने और सहयोग करने के लिए समझाया, लेकिन दरवाजा नहीं खोला गया। इसके बाद गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए समस्तीपुर के अंचल अधिकारी को मजिस्ट्रेट के रूप में मौके पर बुलाया गया।
मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तोड़ा गया कमरे का ताला
करीब तीन घंटे तक चले अभियान के बाद पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कमरे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद अंटू ईश्वर को हिरासत में ले लिया गया। पुलिसकर्मी इस दौरान पूरी तरह सतर्क रहे, ताकि गिरफ्तारी की कार्रवाई के बीच कोई अप्रिय स्थिति न बने। मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ और नगर थाना पुलिस उन्हें नगर थाने लेकर पहुंची। यहां हाजीपुर के गंगा ब्रिज थाने की पुलिस ने भी उनसे पूछताछ की। पूरी कार्रवाई की निगरानी एसटीएफ के डीएसपी कर रहे थे। अंटू ईश्वर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के संसदीय बोर्ड के प्रदेश सचिव बताए जा रहे हैं।
फरवरी के मामले से जुड़ा है गिरफ्तारी का वारंट
पुलिस के मुताबिक, अंटू ईश्वर के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट हाजीपुर के गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले से संबंधित है। बताया जा रहा है कि इस साल फरवरी में गांधी सेतु के पास एक कार से युवक का शव बरामद हुआ था। मृतक की पहचान जहानाबाद जिले के हुलासगंज गांव निवासी भानु कुमार के रूप में हुई थी। इसी मामले में गंगा ब्रिज थाने में केस दर्ज किया गया था। पुलिस जांच के दौरान भानु कुमार पर अंटू ईश्वर पर हुई फायरिंग की घटना से जुड़े होने का संदेह जताए जाने की बात सामने आई। इसी मामले में अंटू ईश्वर के खिलाफ अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, इस मामले में उनकी भूमिका और अन्य आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया से होगा।
आवास पर फायरिंग के बाद से चल रही थी जांच
दरअसल, 17 फरवरी को अंटू ईश्वर के बहादुरपुर स्थित आवास पर फायरिंग की घटना हुई थी। बताया गया था कि कार से पहुंचे चार लोगों ने उनके घर पर कई गोलियां चलाई थीं। इस दौरान अंटू ईश्वर बाल-बाल बच गए, जबकि उनके चालक शुभम सिंह उर्फ ईशु को गोली लगी थी। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। अब इसी मामले से जुड़े घटनाक्रम और गंगा ब्रिज थाने में दर्ज केस के आधार पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है। पुलिस ने अंटू ईश्वर के आवास पर लगे सीसीटीवी कैमरों से संबंधित जानकारी भी जुटाई है। हालांकि, गिरफ्तारी के दौरान हथियार बरामद होने की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं की गई है। फिलहाल एसटीएफ और स्थानीय पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही हैं।
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