जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में शनिवार सुबह बादल फटने की घटना ने तबाही मचा दी। अचानक आई बाढ़ और मलबे ने कई घरों को नुकसान पहुंचाया, जबकि कई लोग इसकी चपेट में आ गए। इलाके के लोग इस प्राकृतिक आपदा से दहशत में हैं और प्रशासन युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। कई गांवों में पानी भरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी भीषण घटना उन्होंने पहले कभी नहीं देखी थी। आपदा प्रबंधन दल और सुरक्षाबल प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
सीएम उमर अब्दुल्ला ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुश्किल घड़ी में लोगों के साथ खड़ी है और सभी प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिया है कि राहत और पुनर्वास कार्य में कोई भी ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित इलाकों का दौरा कर तत्काल रिपोर्ट सौंपने को भी कहा है, ताकि पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके।
प्रशासन ने तेज की राहत-बचाव की कार्रवाई
इस त्रासदी के बाद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत शिविरों की स्थापना शुरू कर दी है। जिन परिवारों के घर बह गए या क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों को भी भेजा गया है, ताकि घायल और बीमार लोगों का तुरंत इलाज किया जा सके। सेना और स्थानीय पुलिस लगातार बचाव कार्यों में जुटी हुई है। सरकार ने साफ किया है कि किसी भी पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और जल्द ही मुआवजे की राशि उनके खातों में जमा की जाएगी।
