दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय (AICC) में आज कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक चल रही है। इस बैठक में पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर चर्चा करना और पार्टी में वर्तमान राजनीतिक स्थिति का मूल्यांकन करना है।
कांग्रेस मुख्यालय के बाहर अचानक प्रदर्शन
इसी दौरान दिल्ली के इंदिरा भवन के बाहर अचानक प्रदर्शन शुरू हो गया। कर्नाटक में दलित नेतृत्व को लेकर यह प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी दलित मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग कर रहे थे। यह घटना न केवल कांग्रेस के अंदर, बल्कि पार्टी के बाहर भी राजनीतिक हलचल का कारण बनी। सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
दलित नेतृत्व का मुद्दा और राजनीतिक तनाव
कर्नाटक में दलित मुख्यमंत्री की मांग पार्टी के भीतर राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है। इस मुद्दे को लेकर दिल्ली में पार्टी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन शुरू होना यह दर्शाता है कि यह मामला सिर्फ कर्नाटक तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में कांग्रेस के दलित नेतृत्व और नेतृत्व चयन के फैसलों पर असर डाल सकता है। पार्टी की वरिष्ठता और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए अब नेताओं के लिए इस मुद्दे का समाधान ढूँढना चुनौती बन गया है।
बैठक के बाद संभावित रणनीतियाँ और आगे की चुनौतियाँ
CWC बैठक के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि पार्टी इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख बनाएगी। वरिष्ठ नेताओं ने मीडिया से कहा कि बैठक में सभी बिंदुओं पर चर्चा की जा रही है और पार्टी संगठन इस मामले में संतुलित निर्णय लेने की कोशिश कर रहा है। आगे की रणनीतियों में न केवल कर्नाटक में चुनावी परिदृश्य, बल्कि पूरे राष्ट्रीय स्तर पर दलित नेतृत्व और पार्टी छवि को ध्यान में रखा जाएगा।
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