फिनलैंड में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान भारत और फिनलैंड के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आमतौर पर गंभीर कूटनीतिक बैठकों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखने वाले भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar इस बार अपने मजाकिया अंदाज की वजह से चर्चा में हैं। कार्यक्रम के दौरान उनके और फिनलैंड की विदेश मंत्री Elina Valtonen के बीच हुई छोटी-सी बातचीत ने माहौल को हल्का बना दिया। वहां मौजूद लोगों ने इस पल का खूब आनंद लिया और देखते ही देखते इसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया।
Participated in a Panel discussion at Kultaranta Talks with FM Elina Valtonen of Finland, and Assistant FM Lana Nusseibeh of UAE on ‘Emerging Powers and the New Geopolitical Competition https://t.co/S7MQD5wwFc
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) June 11, 2026
एक टिप्पणी और फिर बदल गया माहौल
कार्यक्रम में बातचीत के दौरान जयशंकर ने बताया कि मंच पर आने से पहले उनकी और एलिना वाल्टोनन की कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इसी दौरान फिनलैंड की विदेश मंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने कई समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए हैं। यह सुनते ही जयशंकर ने हंसते हुए जवाब दिया, “आपको यह नहीं कहना चाहिए।” उनके इस जवाब के बाद कुछ क्षण के लिए सभी चौंक गए, लेकिन तुरंत ही माहौल ठहाकों से गूंज उठा। एलिना वाल्टोनन का मजेदार रिएक्शन भी लोगों का ध्यान खींचने में सफल रहा। दोनों नेताओं की सहजता और दोस्ताना अंदाज ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
वीडियो पर सोशल मीडिया की दिलचस्प प्रतिक्रियाएं
इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। कई यूजर्स ने जयशंकर की हाजिरजवाबी की तारीफ की, जबकि कुछ लोगों ने इसे भारत और फिनलैंड के मजबूत संबंधों की झलक बताया। विदेश नीति जैसे गंभीर विषयों के बीच इस तरह का हल्का पल लोगों को काफी पसंद आया। यही वजह है कि वीडियो को हजारों लोग शेयर कर रहे हैं। राजनीतिक और कूटनीतिक मामलों में रुचि रखने वाले लोगों के बीच भी यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है।
रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भी रखा भारत का पक्ष
कार्यक्रम के दौरान केवल यह मजेदार पल ही चर्चा में नहीं रहा, बल्कि कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बातचीत हुई। एक सवाल के जवाब में जयशंकर ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत की नीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को उपलब्धता और कीमत के आधार पर पूरा करता है। उनके अनुसार, जब वैश्विक परिस्थितियों के कारण ऊर्जा बाजार में बदलाव आया, तब भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया। उन्होंने यह भी कहा कि हर देश अपनी जरूरतों के अनुसार फैसले लेता है और भारत भी इसी सिद्धांत पर काम करता है। उनके इस बयान को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी महत्व दिया जा रहा है।
