HomeदेशCJP नेताओं की जमानत पर सुनवाई से पहले जज को मिली धमकी!...

CJP नेताओं की जमानत पर सुनवाई से पहले जज को मिली धमकी! आखिर कौन डाल रहा है दबाव?

CJP के आशुतोष रांका और सौरव दास की जमानत पर सुनवाई के बीच विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट को धमकी देने का मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू की।

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की जमानत से जुड़े मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट को कथित तौर पर धमकी दिए जाने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, धमकी मिलने की जानकारी सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया। इस घटनाक्रम के चलते दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत से जुड़े मामले में प्रस्तावित सुनवाई भी नहीं हो सकी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि धमकी किसने दी और उसका मकसद क्या था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। इस घटना ने जमानत की सुनवाई को लेकर स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुई थी गिरफ्तारी

CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया था। बताया गया कि दोनों नेता CJP के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, वे जंतर-मंतर के बंद गेट को पार करके प्रदर्शन स्थल में पहुंचे थे। पुलिस का कहना था कि उस समय संबंधित स्थान को प्रदर्शन के लिए अधिसूचित नहीं किया गया था। इसके बाद 14 अक्टूबर को अदालत ने दोनों नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया था। तब से उनकी रिहाई और जमानत को लेकर मामला चर्चा में है। अब मजिस्ट्रेट को कथित धमकी दिए जाने के बाद सुनवाई में हुई देरी ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।

CJP ने पहले ही दी थी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

CJP ने इससे पहले कहा था कि उसने दोनों नेताओं की रिहाई के मामले में वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से कानूनी सलाह ली है। संगठन ने चेतावनी दी थी कि यदि निर्धारित समय तक दोनों नेताओं को रिहा नहीं किया गया, तो वह कानूनी कदम उठाएगा। CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। अब मजिस्ट्रेट को धमकी देने के आरोप में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस के सामने धमकी देने वालों की पहचान करना बड़ी चुनौती है। यह भी जांच का विषय है कि कथित धमकी और जमानत की सुनवाई टलने के बीच क्या संबंध है। फिलहाल पुलिस की जांच और आगे होने वाली सुनवाई से ही इस मामले की स्थिति साफ हो सकेगी।

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