दिल्ली से मुंबई के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI-887 सोमवार को उस समय सुर्खियों में आ गई, जब टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद विमान को वापस दिल्ली एयरपोर्ट लौटना पड़ा। इस फ्लाइट में सैकड़ों यात्री सवार थे, जो रोज़मर्रा की तरह अपनी मंज़िल की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही देर में यह सफर एक आपात स्थिति में बदल जाएगा। जैसे ही विमान ने उड़ान भरी और ऊंचाई हासिल करनी शुरू की, तभी कॉकपिट में एक तकनीकी चेतावनी सामने आई। विमान के दाहिने इंजन से जुड़ा संकेत सामान्य नहीं था, जिससे पायलटों की सतर्कता बढ़ गई। यात्रियों को उस वक्त केवल इतना महसूस हुआ कि विमान अपेक्षित ऊंचाई लेने के बाद भी आगे बढ़ने के बजाय गोल चक्कर लगाने लगा है। यही वह पल था, जब हवा में बैठे सैकड़ों लोगों की जान कुछ मिनटों के लिए अनिश्चितता में अटक गई।
इंजन में आई तकनीकी खराबी ने बढ़ाई चिंता
सूत्रों के मुताबिक, टेकऑफ के बाद जब विमान के फ्लैप्स को रिट्रैक किया जा रहा था, उसी समय दाहिने इंजन में ऑयल प्रेशर कम होने की चेतावनी मिली। यह चेतावनी किसी भी बड़े विमान के लिए गंभीर मानी जाती है, क्योंकि इंजन ऑयल प्रेशर का सीधा संबंध इंजन की सेहत और उसकी कार्यक्षमता से होता है। कुछ ही पलों में यह स्थिति और चिंताजनक हो गई, जब ऑयल प्रेशर पूरी तरह शून्य हो गया। इस तकनीकी खराबी का मतलब था कि इंजन को लंबे समय तक सुरक्षित तरीके से चलाना जोखिम भरा हो सकता है। हालांकि विमान Boeing 777-300ER जैसे आधुनिक और सुरक्षित माने जाने वाले एयरक्राफ्ट मॉडल से संचालित किया जा रहा था, लेकिन पायलटों ने किसी भी तरह का जोखिम न लेते हुए हालात का तुरंत आकलन किया। यात्रियों को इस दौरान केवल सीट बेल्ट बांधे रखने और शांत रहने की अपील सुनाई दी, जबकि कॉकपिट में सुरक्षा से जुड़े अहम फैसले लिए जा रहे थे।
पायलटों ने लिया टर्नबैक फैसला
उड़ान सुरक्षा के तय मानकों के अनुसार, पायलटों ने बिना समय गंवाए एयर टर्नबैक का निर्णय लिया। इसका मतलब था कि विमान को उसकी मूल उड़ान दिशा से मोड़कर सुरक्षित रूप से उसी एयरपोर्ट पर वापस लाया जाए, जहां से उसने टेकऑफ किया था। पायलटों ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क कर पूरी स्थिति साझा की और प्राथमिकता लैंडिंग की अनुमति मांगी। इसके बाद विमान को नियंत्रित ऊंचाई पर रखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया। यात्रियों के लिए यह समय मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण था, लेकिन विमान के भीतर किसी तरह की अफरा-तफरी नहीं हुई। क्रू मेंबर्स लगातार यात्रियों को आश्वस्त करते रहे कि स्थिति नियंत्रण में है। सभी मानक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई, और जैसे ही पहिए रनवे पर टिके, यात्रियों ने राहत की सांस ली। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित किया कि समय पर लिया गया सही फैसला कितनी बड़ी अनहोनी को टाल सकता है।
एयर इंडिया ने जारी किया बयान
विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद एयर इंडिया ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि फ्लाइट को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के तहत वापस लाया गया था। एयरलाइन ने साफ किया कि इस घटना में किसी भी यात्री या क्रू मेंबर को कोई चोट नहीं आई है और सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। एयर इंडिया के अनुसार, विमान की विस्तृत तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है और फिलहाल इसे ग्राउंडेड रखा गया है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि पहले के रिकॉर्ड में इंजन ऑयल की खपत को लेकर कोई असामान्यता दर्ज नहीं थी, जिससे यह मामला और भी गंभीर जांच की मांग करता है। जांच पूरी होने और सभी सुरक्षा मानकों को संतोषजनक पाए जाने के बाद ही विमान को दोबारा उड़ान सेवा में शामिल किया जाएगा। इस घटना ने यात्रियों के मन में कुछ देर के लिए डर जरूर पैदा किया, लेकिन साथ ही यह भरोसा भी मजबूत किया कि भारतीय विमानन क्षेत्र में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
