गोवा के चर्चित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब में लगी भीषण आग का ताज़ा वीडियो सामने आते ही लोगों के रोंगटे खड़े हो गए हैं। वीडियो में स्पष्ट दिखाई देता है कि शनिवार 6 दिसंबर 2025 की रात क्लब में ‘Bollywood Banger Night’ का आयोजन चल रहा था। बड़ी संख्या में लोग संगीत और डांस का लुत्फ उठा रहे थे। मंच पर एक डांसर बॉलीवुड गीत ‘महबूबा महबूबा’ पर परफॉर्म कर रही थी।
जैसे ही डांस परफॉर्मेंस अपने चरम पर पहुँचती है, कुछ ही क्षणों में मंच के पास आग की एक छोटी सी चिंगारी दिखाई देती है, जो अचानक तेज़ लपटों में बदल जाती है। देखते ही देखते धुआँ छाने लगता है और लोग घबराकर बाहर की ओर भागते नज़र आते हैं। वीडियो घटना की गंभीरता को दिखाता है, जिसमें महज़ 10 सेकंड के भीतर पूरा क्लब आग के गोले में तब्दील होता दिखाई देता है। इस भयावह दृश्य को देखकर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि अंदर फंसे लोगों के पास बचने का लगभग कोई समय नहीं था।
डांस परफॉर्मेंस के दौरान आतिशबाजी से बढ़ा खतरा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब डांसर के कार्यक्रम के साथ आतिशबाजी और स्पार्क शो चल रहा था। यह स्पेशल इफेक्ट्स अक्सर स्टेज शो को आकर्षक बनाने के लिए उपयोग किए जाते हैं, लेकिन इस बार यही शो मौत का कारण बन गया। वीडियो में दिखाई देता है कि जैसे ही स्पार्क फूटता है, कपड़े और छत पर लगी सजावट आग पकड़ लेती है और हर दिशा में लपटें फैल जाती हैं।
अधिकारियों को शक है कि क्लब के अंदर उपयोग की गई सजावटी सामग्री फायर-प्रूफ नहीं थी। इसके अलावा, क्लब में एक ही एग्ज़िट गेट होने की बात भी सामने आई है, जिसकी वजह से लोग समय रहते बाहर नहीं निकल पाए। इस दौरान कई लोग धुएँ के कारण बेहाश हो गए और कई फंस गए, जिससे मौत का आंकड़ा 25 तक पहुँच गया। यह घटना बताती है कि मनोरंजन के लिए किए जाने वाले स्टेज इफेक्ट्स यदि सुरक्षा मानकों के बिना किए जाएँ, तो वे जानलेवा साबित हो सकते हैं।
सुरक्षा लापरवाही के गंभीर आरोप
इस हादसे के बाद प्रशासन ने नाइट क्लब की सुरक्षा तैयारियों पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। जांच टीम का प्राथमिक अनुमान है कि क्लब ने फायर डिपार्टमेंट से अनिवार्य NOC (No Objection Certificate) नहीं लिया था। अगर यह बात सही निकलती है, तो यह बड़ी प्रशासनिक विफलता और क्लब प्रबंधन की गंभीर लापरवाही का प्रमाण होगा।
स्थानीय पुलिस और फायर डिपार्टमेंट ने मिलकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि क्लब में मौजूद फायर सेफ्टी उपकरण पर्याप्त नहीं थे। न तो आग बुझाने वाले सिलेंडर समय पर काम आए और न ही इमरजेंसी अलार्म पर्याप्त तेज़ था कि लोगों को चेतावनी मिल सके। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जैसे ही आग फैली, पूरे क्लब में अफरा-तफरी मच गई। लोग एक-दूसरे पर गिरते-पड़ते निकलने की कोशिश करते रहे, लेकिन धुआँ इतना घना था कि कुछ ही सेकंड में सांस लेना मुश्किल हो गया।
हादसे ने उठाए कई सवाल
गोवा जैसे पर्यटन स्थल में यह घटना न केवल प्रशासन बल्कि सरकार के लिए भी चिंता का विषय बन गई है। पर्यटन सीज़न में बड़ी संख्या में देश-विदेश से लोग यहाँ आते हैं। ऐसे में एक हाई-प्रोफाइल क्लब में हुआ यह हादसा सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है।
सरकार ने इस घटना पर संज्ञान लेते हुए टीम गठित कर दी है, जो क्लब के संचालन, लाइसेंस, फायर सेफ्टी मानकों और इवेंट से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच करेगी। मुख्यमंत्री ने भी कड़े शब्दों में कहा है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, इस हादसे के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया पर गुस्सा जताया और क्लब मालिकों को सख्त सज़ा देने की मांग की है।
यह घटना इस बात की दुखद याद दिलाती है कि मनोरंजन स्थलों में सुरक्षा को लेकर थोड़ी सी भी लापरवाही बड़ी त्रासदी का रूप ले सकती है। यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि चेतावनी है कि भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए नियमों और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन जरूरी है।
