हाल ही में जगद्गुरु रामभद्राचार्य और प्रेमानंद महाराज के बीच चल रहे कथित विवाद को लेकर सनातन धर्म के अनुयायियों में चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर कई वीडियो और बयान वायरल हुए, जिसमें दोनों संतों के बीच वैचारिक असहमति की बातें कही जा रही हैं। इस पूरे मामले में अब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने न सिर्फ स्थिति को शांत करने की कोशिश की, बल्कि यह भी कहा कि दो महान संतों के बीच खाई पैदा करने की साजिश रची जा रही है।
धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा?
धीरेंद्र शास्त्री ने साफ शब्दों में कहा, “रामभद्राचार्य जी जैसे संत का मन बहुत ही निर्मल और विशाल है। वह अपने मन में किसी के लिए ईर्ष्या या द्वेष नहीं रखते। जो भी बोलते हैं, वह सामने बोलते हैं लेकिन उनके हृदय में कोई दुर्भावना नहीं होती।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि लोगों को इस प्रकार की बातों को तूल नहीं देना चाहिए और संतों के बीच गलतफहमी फैलाने की कोशिशों से बचना चाहिए। शास्त्री जी ने प्रेमानंद महाराज के प्रति भी आदर प्रकट करते हुए कहा कि दोनों संतों का लक्ष्य केवल सनातन धर्म की सेवा है।
धर्म में मतभेद नहीं, संवाद की ज़रूरत
धीरेंद्र शास्त्री ने इस अवसर पर सनातन धर्म के अनुयायियों को भी एक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि धर्म का कार्य जोड़ने का है, तोड़ने का नहीं। यदि किसी विषय पर विचारों में अंतर है तो उसका समाधान संवाद से हो सकता है, न कि टकराव से। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि संतों के प्रति श्रद्धा रखने वाले लोग सोशल मीडिया पर अप्रमाणिक या भ्रामक चीजें फैलाने से बचें। संत समाज में एकता और शांति बनी रहे, यही सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए।
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