Monday, February 2, 2026
Homeदेशइंडिगो फ्लाइट्स पर बड़ा फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार,...

इंडिगो फ्लाइट्स पर बड़ा फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार, अब क्या होगा यात्रियों का?

सुप्रीम कोर्ट ने इंडिगो एयरलाइंस के फ्लाइट कैंसिलेशन संकट से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार किया। अदालत ने याचिकाकर्ता को दिल्ली हाई कोर्ट में मामले में शामिल होने की सलाह दी।

-

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इंडिगो एयरलाइंस द्वारा हुई फ्लाइट कैंसिलेशन के मामले में दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि यह मामला पहले से ही दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट में समानांतर सुनवाई करना उचित नहीं होगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट में शामिल होने और हस्तक्षेप करने की अनुमति लेने की सलाह दी।

याचिकाकर्ता की सलाह और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने अदालत को सूचित किया कि दिल्ली हाई कोर्ट में इस मुद्दे पर पहले से ही मामला लंबित है और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने फ्लाइट कैंसिलेशन की जांच के लिए एक समिति भी गठित की है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता नरेंद्र मिश्रा को दिल्ली हाई कोर्ट में मामले से जुड़ने की सलाह दी। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने स्पष्ट किया कि अगर याचिकाकर्ता केवल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चाहते हैं, तो यह अलग बात है, लेकिन सामान्य प्रक्रिया में पहले दिल्ली हाई कोर्ट में मामला देखना उचित है।

इंडिगो फ्लाइट संकट का असर

पिछले कुछ महीनों में इंडिगो एयरलाइंस की कई उड़ानों की अचानक रद्द होने की घटनाओं ने यात्रियों के बीच चिंता और असंतोष बढ़ा दिया है। यात्रियों ने टिकट रिफंड, वैकल्पिक फ्लाइट और समय पर जानकारी की मांग की है। DGCA ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए एक जांच समिति बनाई है, जो इंडिगो एयरलाइंस के संचालन और फ्लाइट रद्द करने के कारणों की जांच कर रही है।

यात्रियों के लिए आगे का रास्ता

अब याचिकाकर्ता और प्रभावित यात्री दिल्ली हाई कोर्ट में अपनी बात रख सकते हैं और वहां हस्तक्षेप करने की अनुमति प्राप्त कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाई कोर्ट में सुनवाई के बाद ही इस संकट का स्थायी समाधान निकल सकता है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि समानांतर सुनवाई से न्याय प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो सकती है, इसलिए Delhi HC का मार्ग अपनाना ही उचित है।

Read more-भारतीय क्रिकेट में फिर लगा दाग! मैच फिक्सिंग की साजिश का खुलासा, चार खिलाड़ी सस्पेंड, FIR दर्ज

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts