दिल्ली में इन दिनों सियासी हलचल और सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क पहुंचने से पहले ही एहतियातन हिरासत में ले लिया है। पार्टी का दावा है कि जब यह कार्रवाई की गई, तब दीपके एनसीपी (SP) प्रवक्ता अनीश गावंडे के आवास के बाहर पूरी तरह अकेले पैदल जा रहे थे और उनके साथ किसी भी प्रकार की भीड़ या समर्थक मौजूद नहीं थे। सीजेपी ने इस पूरी घटना पर तीखी आपत्ति जताते हुए गंभीर सवाल खड़े किए हैं और दावा किया है कि पुलिस उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले गई है, जिससे पार्टी और उनके संपर्कियों का उनसे संपर्क टूट गया है।
“क्या देश की राजधानी में तिरंगा लेकर चलना अपराध बन गया है?”
हिरासत में लिए जाने से पहले अभिजीत दीपके और पुलिस के बीच तीखी बहस देखने को मिली। पुलिस द्वारा रास्ता रोके जाने पर दीपके ने कड़ा रुख अपनाते हुए सवाल किया कि वह अकेले अपने हाथ में देश का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर शांतिपूर्वक चल रहे हैं, फिर उन्हें क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि क्या अब देश की अपनी ही राजधानी में तिरंगा लहराना या लेकर चलना एक गंभीर अपराध माना जाने लगा है। सीजेपी ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आखिर युवाओं के साथ इस तरह का बर्ताव क्यों किया जा रहा है, मानो वे देश के नागरिक नहीं बल्कि कोई आतंकवादी हों। पार्टी ने दो टूक शब्दों में कहा कि हर भारतीय नागरिक को संविधान ने समान अधिकार और सुरक्षा का हक दिया है, जिसे इस तरह से छीना नहीं जा सकता।
शांतिपूर्ण तरीके से उपस्थिति दर्ज कराने की थी रणनीति
यह पूरी घटना उस समय हुई जब कॉकरोच जनता पार्टी ने पहले ही अपने कार्यकर्ताओं और देश के आम नागरिकों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए थे। पार्टी ने किसी भी तरह की बड़ी भीड़ जुटाने या सार्वजनिक रूप से उग्र प्रदर्शन करने से साफ इनकार किया था। इसके स्थान पर एक बहुत ही अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीका अपनाया गया था, जिसके तहत कार्यकर्ताओं को छोटे-छोटे समूहों में आने, हाथ में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर एक सादी तस्वीर खिंचवाने और बिना किसी भी प्रकार की नारेबाजी या हंगामे के तुरंत अपने गंतव्य की ओर लौट जाने की अपील की गई थी। इसके बावजूद, पुलिस द्वारा पूरे इलाके में भारी सुरक्षा घेराबंदी करना और अकेले पैदल जा रहे दीपके को हिरासत में लेना इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन पूरी तरह से असहज नजर आ रहा है।
लोकतांत्रिक अधिकारों और देशभक्ति की आवाज को दबाने की कोशिश
कॉकरोच जनता पार्टी ने इस पूरी पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे आम जनता की लोकतांत्रिक भावनाओं को कुचलने और दबाने का सुनियोजित प्रयास करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि प्रशासन को किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था बिगड़ने का डर नहीं था, बल्कि उन्हें असल डर आम नागरिकों के हाथों में तिरंगे की शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ताकत से लग रहा है। सीजेपी ने जोर देकर कहा है कि अगर अपने देश के राष्ट्रीय ध्वज से प्यार करना और उसे हाथ में उठाना कानून की नजर में अपराध है, तो देश की सामान्य देशभक्ति को भी अपराधीकरण के दायरे में लाने जैसा है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि कोई भी दमनकारी ताकत नागरिकों के मन से तिरंगे के प्रति सम्मान को कम नहीं कर सकती और चुनावी न्याय के लिए उठने वाली आवाज को कभी खामोश नहीं किया जा सकता।
