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CJP Protest: दीपके-रांका और सौरव दास रिहा, लेकिन कोर्ट ने रख दी ये शर्त! ध्रुव राठी को भी मिली राहत

दिल्ली की मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को शर्तों के साथ जमानत दी। जानें ध्रुव राठी की रिहाई और पूरे मामले की जानकारी।

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CJP Protest Case: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को मजिस्ट्रेट कोर्ट से राहत मिली है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस तीनों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के लिए लेकर पहुंची थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया और शर्तों के साथ जमानत दी। CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, तीनों को एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर जमानत दी गई है। तीनों को 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली एयरपोर्ट से बाहर निकलने से पहले हिरासत में लिया गया था। हालांकि, इस मामले में कोर्ट के विस्तृत आदेश और अन्य शर्तों की जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।

ध्रुव राठी भी रिहा, प्रदर्शन से पहले पुलिस ने लिया था हिरासत मे

CJP के प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम के बीच यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी राहत मिली। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने उन्हें शनिवार को गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया था। बाद में शनिवार देर रात उन्हें रिहा कर दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद यदि वह जंतर-मंतर जाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें दोबारा हिरासत में लिया जा सकता है या उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इस घटनाक्रम ने CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में चल रही पुलिस कार्रवाई को चर्चा में ला दिया है। फिलहाल, ध्रुव राठी की रिहाई के बाद भी प्रदर्शन से जुड़े नियमों और पुलिस के निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण रहेगा।

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 जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए बढ़ाई गई सुरक्षा

दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग स्थानों से 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। प्रस्तावित प्रदर्शन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जानी थी। यह मांग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोपों के संदर्भ में की जा रही थी। पुलिस का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकना था। अब तीन CJP नेताओं और ध्रुव राठी की रिहाई के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। हालांकि, हिरासत में लिए गए सभी लोगों की स्थिति और प्रदर्शन को लेकर लागू प्रतिबंधों की पूरी जानकारी संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयानों से ही स्पष्ट हो सकेगी।

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