दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी का तबादला कर उन्हें पंचायती राज मंत्रालय भेज दिया है। उनकी जगह वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब देशभर में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हालांकि सरकार की ओर से इसे नियमित प्रशासनिक नियुक्ति प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, लेकिन इसका समय राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नए शिक्षा सचिव परीक्षा सुधार और उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर क्या कदम उठाते हैं।
कौन हैं नए उच्च शिक्षा सचिव नरेश पाल गंगवार?
नरेश पाल गंगवार 1994 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। उन्होंने वर्ष 1993 में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास की थी और अपने लंबे प्रशासनिक करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर उन्हें प्रशासनिक अनुभव हासिल है। राजस्थान में उन्होंने कई जिलों में जिला कलेक्टर के रूप में काम किया और वर्ष 2001 में टोंक के कलेक्टर भी रहे। हाल के वर्षों में वे केंद्र सरकार में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत थे। अब उन्हें उच्च शिक्षा विभाग की कमान सौंपी गई है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव का उपयोग शिक्षा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों और सुधारों में किया जाएगा।
शिक्षा मंत्रालय समेत कई विभागों में हुए बड़े तबादले
कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने एक साथ कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादलों और नई नियुक्तियों को मंजूरी दी है। आदेश के अनुसार विनीत जोशी अब पंचायती राज मंत्रालय में सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं टी. के. अनिल कुमार को शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का नया सचिव बनाया गया है। इसके अलावा कटिकिथला श्रीनिवास को उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। पीयूष गोयल को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। सुशील कुमार लोहानी को पशुपालन एवं डेयरी विभाग में विशेष कर्तव्य अधिकारी (OSD) बनाया गया है, जबकि अर्चना वर्मा को राष्ट्रीय जल मिशन में सचिव स्तर का दायित्व सौंपा गया है। इन नियुक्तियों को केंद्र सरकार की नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लागू किया गया है।
क्या शिक्षा सुधार की दिशा में दिखेगा नया बदलाव?
शिक्षा मंत्रालय में हुए इस बदलाव के समय ने इसे और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है। एक ओर देशभर में छात्र परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार लगातार प्रशासनिक और नीतिगत स्तर पर फैसले ले रही है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पेपर लीक के मामलों में सख्त कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट की बात कही थी। ऐसे में नए उच्च शिक्षा सचिव के सामने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने, छात्रों का भरोसा बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में प्रभावी कदम उठाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि मंत्रालय में हुए इस बदलाव का असर केवल प्रशासनिक स्तर तक सीमित रहता है या शिक्षा व्यवस्था में भी बड़े सुधार देखने को मिलते हैं।
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