सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसने लोगों को हैरानी में डाल दिया है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि लोग अपने मल (पूप) को दान करके लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक कमा सकते हैं। यह सुनने में भले ही मजाक जैसा लगे, लेकिन इंटरनेट पर इस दावे को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है। कई लोग इसे मजेदार मान रहे हैं, तो कुछ लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर इसमें कितनी सच्चाई है।
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस वीडियो में कंटेंट क्रिएटर ने दावा किया कि कुछ कंपनियां मेडिकल रिसर्च के लिए स्वस्थ लोगों से मल दान करवाती हैं और इसके बदले पैसे भी देती हैं। वीडियो के सामने आते ही हजारों लोग इसे देखने लगे और कमेंट सेक्शन में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं।
वीडियो में किया गया चौंकाने वाला दावा
वीडियो में बताया गया कि अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से मल दान करता है, तो उसे इसके बदले अच्छी खासी रकम मिल सकती है। कंटेंट क्रिएटर ने यह भी कहा कि एक विदेशी कंपनी अपनी वेबसाइट पर हर बार मल दान करने के बदले करीब 41 हजार रुपये तक देने का दावा करती है।
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वीडियो में यह भी कहा गया कि अगर कोई व्यक्ति बेहद फिट, स्वस्थ और एथलेटिक है तो उसे और ज्यादा भुगतान मिल सकता है। दावा तो यहां तक किया गया कि कुछ मामलों में लोगों को लाखों डॉलर तक मिल सकते हैं। हालांकि इस तरह के दावों को लेकर कई लोग शक भी जता रहे हैं और विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर जानकारी पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए।
क्या है मल दान और इसका मेडिकल उपयोग
दरअसल मल दान का इस्तेमाल एक खास मेडिकल प्रक्रिया में किया जाता है, जिसे फीकल माइक्रोबायोटा ट्रांसप्लांट (FMT) कहा जाता है। इस प्रक्रिया में स्वस्थ व्यक्ति के मल में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को मरीज के शरीर में ट्रांसफर किया जाता है। इससे आंतों से जुड़ी कुछ गंभीर बीमारियों के इलाज में मदद मिल सकती है।
दुनिया के कुछ मेडिकल रिसर्च सेंटर और अस्पताल इस तरह के दान के लिए लोगों को भुगतान भी करते हैं। हालांकि इसके लिए कड़े मेडिकल टेस्ट और स्वास्थ्य जांच से गुजरना पड़ता है। हर व्यक्ति इस प्रक्रिया के लिए योग्य नहीं होता, क्योंकि केवल पूरी तरह स्वस्थ और विशेष मानकों को पूरा करने वाले लोगों का मल ही इस्तेमाल किया जाता है।
वायरल दावों से रहें सावधान
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो के बाद लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के दावों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा सकता है। मल दान के लिए कुछ जगहों पर भुगतान जरूर किया जाता है, लेकिन करोड़ों रुपये कमाने जैसे दावे अक्सर अतिरंजित होते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति इस तरह के कार्यक्रम में भाग लेना चाहता है तो उसे केवल भरोसेमंद मेडिकल संस्थानों या रिसर्च संगठनों की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। इंटरनेट पर वायरल वीडियो या अपुष्ट दावों के आधार पर किसी भी फैसले तक पहुंचना सही नहीं माना जाता।
