दिल्ली में मंगलवार, 25 नवंबर को एक बड़े कारोबारी परिवार से जुड़ी बेहद दुखद घटना सामने आई। पान मसाला उद्योग में प्रसिद्ध ब्रांड ‘कमला पसंद’ और ‘राजश्री’ के मालिक कमल किशोर की बहू, 38 वर्षीय दीप्ति चौरसिया, ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने परिवार और परिचितों को गहरा सदमा दिया है।
दीप्ति के कमरे से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। शुरुआती जांच में पाया गया कि नोट में उन्होंने अपने जीवन से जुड़ी भावनात्मक बातें लिखी हैं, जिनमें “प्यार” और “भरोसे” जैसे शब्द शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने किसी भी व्यक्ति पर प्रत्यक्ष रूप से कोई आरोप नहीं लगाया। पुलिस का कहना है कि उन्हें किसी प्रकार की जबरन या संदिग्ध गतिविधि का कोई ठोस सबूत अभी तक नहीं मिला है, लेकिन मामले को संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
2010 में हुई थी शादी, एक बेटा भी
दीप्ति चौरसिया की शादी साल 2010 में कमल किशोर के बेटे हरप्रीत चौरसिया से हुई थी। दोनों का एक 14 साल का बेटा भी है, जो घटना के समय घर में मौजूद नहीं था। परिवार के सदस्यों के अनुसार, दीप्ति काफी शांत स्वभाव की महिला थीं और ज्यादातर समय परिवार के साथ ही बिताती थीं।
हालांकि परिवार और रिश्तेदारों ने अब तक किसी तरह की घरेलू कलह, मानसिक तनाव या वैवाहिक विवाद का खुलकर जिक्र नहीं किया है, लेकिन पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की गहराई से जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि दीप्ति पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान थीं, लेकिन यह परेशानी किस कारण से थी, यह अभी साफ नहीं हो पाया है।
सुसाइड नोट: ‘अगर प्यार नहीं…’—भावनाओं से भरा संदेश
पुलिस सूत्रों के अनुसार सुसाइड नोट में लगभग कुछ ही लाइनें लिखी हुई थीं। इनमें उन्होंने स्पष्ट रूप से किसी पर आरोप नहीं लगाया। नोट में उनकी भावनाओं और निजी जीवन की उलझनों का हल्का सा संकेत मिलता है। इसमें उन्होंने लिखा—“अगर प्यार नहीं… तो जिंदगी का क्या मतलब?”
इस एक पंक्ति ने पुलिस को यह समझाया कि मामला अधिकतर भावनात्मक तनाव से जुड़ा हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि वे नोट की फॉरेंसिक जांच करवाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह दीप्ति द्वारा ही लिखा गया है। इसके साथ ही उनके मोबाइल फोन, चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स की भी जांच की जा रही है ताकि किसी संभावित कारण का पता लगाया जा सके।
पुलिस जांच: हर एंगल से हो रही पड़ताल
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दीप्ति के कमरे को सील कर दिया। उनकी बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परिवार के सभी सदस्यों से पूछताछ की गई है। अभी तक किसी भी तरह के झगड़े या घरेलू हिंसा की बात सामने नहीं आई है। इसके बावजूद पुलिस इसे आत्महत्या का प्रीमैच्योर नतीजा नहीं मान रही। दीप्ति की मानसिक स्थिति, पिछले कुछ महीनों के हालात और पारिवारिक रिश्तों का भी गहराई से विश्लेषण किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों और स्टाफ से भी बातचीत की जा रही है ताकि पता लगाया जा सके कि क्या दीप्ति किसी तरह के दबाव में थीं या उनके व्यवहार में हाल ही में कोई बदलाव आया था। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले को संवेदनशील मानते हुए सावधानी से आगे बढ़ रही है, ताकि किसी भी महत्वपूर्ण तथ्य को नज़रअंदाज़ न किया जाए।
