दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए विस्फोट ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया गया है कि धमाका कार में हाई इंटेंसिटी केमिकल बम के जरिए किया गया, जो आसपास के इलाके में मौजूद सभी लोगों के लिए घातक साबित हुआ। फॉरेंसिक टीम ने इलाके से सैंपल इकट्ठा किए हैं और केमिकल बम की प्रकृति और किस-किस रसायन का इस्तेमाल हुआ है, इसकी जांच की जा रही है। दिल्ली पुलिस, आईबी और एनआईए की टीमें पूरी तरह सक्रिय हैं और मामले की तह तक जाने के लिए काम कर रही हैं।
मुख्य संदिग्ध डॉक्टर उमर को फिदायीन हमलावर बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार वह फरीदाबाद स्थित टेरर मॉड्यूल का हिस्सा था और उसी की पहचान के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी हाई लेवल मीटिंग बुलाई और सभी सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए कि जांच को तेज गति से अंजाम दें और किसी भी संभावित खतरे का तुरंत निवारण करें।
ब्लास्ट की योजना और जांच की गहराई
सूत्रों के अनुसार, इस धमाके की पूरी योजना कश्मीर में तैयार की गई थी। हरियाणा में तकनीकी ब्लूप्रिंट तैयार किया गया और दिल्ली को अंतिम लक्ष्य बनाया गया। धमाके की जांच से पता चला कि इस्तेमाल किया गया केमिकल बम इतना शक्तिशाली था कि इसकी चपेट में आने वाले क्षेत्र के लोग और आसपास की संपत्ति भारी नुकसान झेल सकते थे।
फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने घटनास्थल से सैंपल इकट्ठा किए हैं और धमाके में इस्तेमाल रसायनों की पहचान करने का काम जारी है। प्रारंभिक जांच में ही यह स्पष्ट हो गया है कि यह हमला किसी साधारण आतंकवादी गतिविधि से कहीं अधिक गंभीर था। इसके पीछे एक सुनियोजित योजना थी, जिसका उद्देश्य सिर्फ भय फैलाना नहीं बल्कि व्यापक पैमाने पर तबाही मचाना था।
इसके अलावा, सुरक्षा एजेंसियों ने शहर में अलर्ट जारी किया और सभी संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि डॉक्टर उमर ने धमाके के लिए कार और रसायनों का इंतजाम लंबे समय से किया था, जिससे यह साफ है कि यह हमला अचानक नहीं बल्कि पूरी तरह से योजनाबद्ध था।
राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और सरकार की कार्रवाई
भूटान दौरे पर मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह घटना सभी के मन को व्यथित कर गई है और देश इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि रात भर वे सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में थे और जांच की हर अपडेट प्राप्त कर रहे थे।
प्रधानमंत्री ने साफ किया कि ऐसे षड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले की तह तक जाकर जिम्मेदारों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने का आदेश जारी किया है और सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
वहीं, नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा बलों को दें। शहर में यातायात और मेट्रो संचालन पर असर पड़ा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। साथ ही, सरकारी और निजी संस्थानों ने कर्मचारियों को सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं, ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना से निपटा जा सके।
इस मामले में लगातार अपडेट मिल रहे हैं और विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लास्ट की योजना और इसके रसायनों की प्रकृति बेहद गंभीर है, इसलिए जांच में और समय लग सकता है। दिल्लीवासियों के लिए यह समय चेतावनी का है, और सुरक्षा एजेंसियां हर संभव कदम उठा रही हैं ताकि ऐसे किसी और हमले को रोका जा सके।
