उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से एक ऐसा दर्दनाक हादसा सामने आया है जिसने हर किसी का दिल दहला दिया है। नवरात्रि के पवित्र अवसर पर माता के दरबार में भंडारे का प्रसाद लेकर जा रहे एक ही परिवार के 10 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इस हादसे में मासूम बच्चों समेत परिवार के कई सदस्य बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। त्योहार की खुशियां पल भर में चीख-पुकार और मातम में बदल गईं, जिससे पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल पैदा हो गया।
कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?
फिरोजाबाद के बसई मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मडुआ गांव का यह पूरा मामला है। यहां एक परिवार ने अपने घर पर ही नवरात्रि के भंडारे के लिए श्रद्धाभाव के साथ बड़े भगोने में स्वादिष्ट खीर तैयार की थी। इसके बाद परिवार के सभी सदस्य इस गर्म खीर के भगोने के साथ ई-रिक्शा में सवार होकर पास के ही बेहड़ माता मंदिर में प्रसाद चढ़ाने और भंडारा करने के लिए निकल पड़े। रास्ता सुनसान और संकरा था, तभी अचानक अनियंत्रित होकर ई-रिक्शा रास्ते में ही पलट गया।
खौलती खीर गिरने से झुलसे 5 मासूम बच्चे समेत 10 लोग
ई-रिक्शा के पलटते ही उसमें रखा खौलती हुई गर्म खीर से भरा विशाल भगोना सीधे उसमें बैठे यात्रियों के ऊपर आ गिरा। खीर इतनी ज्यादा गर्म थी कि उसके संपर्क में आते ही लोगों की त्वचा झुलसने लगी। इस भयानक दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की मदद से किसी तरह घायलों को संभाला गया। इस हादसे में कुल 10 लोग झुलसे हैं, जिनमें पांच छोटे-छोटे मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जो इस भयंकर दर्द को सहन नहीं कर पा रहे थे।
जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और घायलों का हाल
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने तुरंत स्थिति का संज्ञान लिया और बिना देर किए ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर सभी घायलों से मुलाकात की और डॉक्टरों से उनके इलाज की प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी ली। प्रशासन ने यह सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी पीड़ितों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए ताकि वे जल्द से जल्द स्वस्थ होकर अपने घर लौट सकें।
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