Sunday, February 1, 2026
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Budget Session 2026: संसद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अभिभाषण, बोलीं- ‘10 सालों में भारत दुनिया का अगला…’

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बजट सत्र 2026 में दिया अभिभाषण, देश की आत्मनिर्भरता, आतंकवाद पर कड़ा रुख, आर्थिक विकास और महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर। जानें पूरा भाषण और सरकार की योजनाओं का असर।

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28 जनवरी 2026 को संसद के बजट सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अभिभाषण दिया। उन्होंने कहा, “हर क्षेत्र में भारत आगे बढ़ रहा है। आजादी तब तक अधूरी है जब तक हम आत्मनिर्भर जीवन नहीं जियेंगे। बीते 11 वर्षों में देश की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत हुई है और महंगाई दर को कम रखने का रिकॉर्ड कायम किया गया है। इसका लाभ सीधे मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को मिला है।”

राष्ट्रपति ने रविंद्रनाथ टैगोर के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा कि स्वतंत्रता केवल कागजों में नहीं, बल्कि हर नागरिक के आत्मनिर्भर जीवन में होनी चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि देश की नीतियां और योजनाएं नागरिकों के जीवन को सशक्त बनाने पर केंद्रित हैं।

सुरक्षा और आतंकवाद पर निर्णायक कदम

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने आतंकवादियों के अड्डों को ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि माओवादी प्रभावित जिले अब 126 से घटकर केवल 8 बचे हैं और सिर्फ 3 जिले गंभीर रूप से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा, “आगे भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। 2,000 से अधिक माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। वह दिन दूर नहीं जब देश से आतंक पूरी तरह खत्म होगा।”

राष्ट्रपति ने इस अवसर पर सशस्त्र बलों की बहादुरी और कार्यकुशलता की सराहना की। उन्होंने सिंधु जल समझौते का भी जिक्र किया, जिसे आतंकवाद और सुरक्षा रणनीतियों के साथ जोड़ा गया है।

आर्थिक विकास और ग्रामीण योजनाएं

राष्ट्रपति ने देश के आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सोलर पावर सेक्टर में तेजी आई है और अब तक 20 लाख से ज्यादा सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इससे लाखों परिवारों को बिजली का लाभ मिला है। पूर्वोत्तर में 7,200 से अधिक नए राजमार्ग बन चुके हैं और रेलवे विकास में 80,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है।

कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान देते हुए राष्ट्रपति ने PM किसान सम्मान निधि का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अब तक 4 लाख करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं। देश में ऑयल सीड फसलों, मत्स्यपालन, पशुपालन और मधुमक्खी पालन में वृद्धि हुई है। फूड प्रोसेसिंग क्षमता में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक योजनाएं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महिलाओं के लिए उठाए गए कदमों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार ने 10 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा है और अगले चरण में 3 करोड़ महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य है। इसके तहत 60 लाख से ज्यादा महिला उद्यमी लखपति और ड्रोन दीदी जैसी परियोजनाओं में सक्रिय हैं।

उन्होंने कहा, “देश का विकास तभी संभव है जब सभी नागरिकों को समान अवसर मिलें। हमारी सरकार खुशहाल किसान और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राथमिकता देती है।” राष्ट्रपति के भाषण में शिक्षा, छात्रवृत्ति, आदिवासी इलाकों में विकास और सुरक्षा पर भी जोर दिया गया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह भाषण न केवल बजट सत्र की शुरुआत का सन्देश था, बल्कि आगामी वर्षों में भारत को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा का भी मार्गदर्शन है।

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