जंतर-मंतर पर पेपर लीक मामले को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की तबीयत खराब हो गई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि मेडिकल जांच में उन्हें टाइफाइड होने की पुष्टि हुई है। वीडियो में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, जिसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर जांच कराई गई। रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि उन्हें टाइफाइड है और अब उनका इलाज लगातार चल रहा है। उन्होंने बताया कि सुबह और शाम नियमित दवाइयां दी जा रही हैं और डॉक्टर उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, बीमारी के बावजूद उन्होंने साफ किया कि आंदोलन को लेकर उनका संकल्प पहले जैसा ही है।
भूख हड़ताल के बाद बिगड़ी थी सेहत
अभिजीत दीपके शुरुआत से ही जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन का हिस्सा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने भूख हड़ताल भी की थी, जिसके बाद उनकी तबीयत लगातार कमजोर होती चली गई। स्वास्थ्य बिगड़ने के बावजूद उन्होंने आंदोलन से दूरी नहीं बनाई। अब टाइफाइड की पुष्टि होने के बाद भी उन्होंने कहा कि इलाज जारी रहेगा, लेकिन आंदोलन के उद्देश्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक उनकी प्रमुख मांग पूरी नहीं होती। उनके इस बयान के बाद समर्थकों के बीच चर्चा तेज हो गई है कि खराब स्वास्थ्य के बावजूद वह आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने का प्रयास करेंगे।
सरकार से तीसरे दौर की बातचीत
इधर, आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर भी जारी है। शनिवार को दोनों पक्षों के बीच तीसरी अहम बैठक प्रस्तावित है। CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि पिछली बैठक में मुआवजे और कानूनी मामलों पर सकारात्मक प्रगति हुई थी और इन बिंदुओं पर सैद्धांतिक सहमति भी बनी है। उनका कहना है कि संगठन को उम्मीद है कि इन मुद्दों पर सरकार की ओर से लिखित सहमति भी मिल सकती है। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आंदोलन की सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर अब तक कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया है। इसी कारण संगठन अभी अपने आंदोलन को समाप्त करने के पक्ष में नहीं है।
Have been diagnosed with typhoid, but the fight will go on until Dharmendra Pradhan resigns! pic.twitter.com/8iHSZdF6K7
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 25, 2026
आगे की रणनीति पर जल्द फैसला
आशुतोष रांका ने कहा कि यदि सरकार स्पष्ट रूप से यह कहती है कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे, तो लगातार बैठकों का कोई विशेष अर्थ नहीं रह जाएगा। ऐसे में संगठन अपनी अगली रणनीति लागू करेगा। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि अगला कदम क्या होगा, लेकिन संकेत दिए कि आंदोलन को नए स्तर पर ले जाने पर विचार किया जा रहा है। दूसरी ओर, अभिजीत दीपके की सेहत को लेकर भी समर्थकों की चिंता बढ़ी हुई है। इसके बावजूद संगठन का कहना है कि आंदोलन जारी रहेगा और आगे की दिशा सरकार के रुख पर निर्भर करेगी। अब सबकी नजर सरकार और CJP के बीच होने वाली अगली बातचीत पर है, क्योंकि उसी से यह तय होगा कि विवाद का समाधान बातचीत से निकलता है या आंदोलन और तेज होता है।
