पाकिस्तान के कराची शहर में शनिवार देर रात एक ऐसी भयावह घटना घटी, जिसने पूरे शहर को दहशत में डाल दिया. कराची के व्यस्त एमए जिन्ना रोड पर स्थित गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में अचानक भीषण आग भड़क उठी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात के समय मॉल के अंदर से पहले धुआं उठता दिखाई दिया और कुछ ही मिनटों में आग की ऊंची-ऊंची लपटें पूरी इमारत में फैल गईं. मॉल बहुमंजिला होने के कारण आग तेजी से ऊपर की मंजिलों तक पहुंच गई, जिससे अंदर मौजूद दुकानदारों, कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों में भगदड़ मच गई. कई लोग जान बचाने के लिए सीढ़ियों और खिड़कियों की ओर दौड़ पड़े, लेकिन घना धुआं और तेज गर्मी उनके रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बन गई. शुरुआती जानकारी में सामने आया कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है, हालांकि प्रशासन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि बाद में जांच के बाद की जाएगी.
दमकल विभाग की जंग, एक फायरफाइटर ने गंवाई जान
आग की सूचना मिलते ही कराची फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई. दमकलकर्मियों को मॉल के अंदर प्रवेश करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, क्योंकि चारों तरफ धुआं भरा हुआ था और तापमान बेहद ज्यादा हो चुका था. इसी दौरान एक दमकलकर्मी की जान चली गई, जो रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान आग की चपेट में आ गया. इस हादसे में अब तक कुल छह लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें मॉल के कर्मचारी और एक फायरफाइटर शामिल हैं. इसके अलावा कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें कराची के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है. दमकल विभाग ने बताया कि आग बुझाने के दौरान मॉल के भीतर कई गैस सिलेंडर और ज्वलनशील सामान होने के कारण हालात और ज्यादा खतरनाक हो गए थे.
12 घंटे बाद भी जारी रेस्क्यू, मलबे में फंसे लोगों की आशंका
घटना के 12 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी राहत और बचाव कार्य लगातार जारी रहा. रविवार सुबह तक भी मॉल के कुछ हिस्सों से धुआं उठता देखा गया, जिससे यह आशंका और गहरी हो गई कि अब भी कुछ लोग इमारत के भीतर फंसे हो सकते हैं. बचाव दल मॉल की हर मंजिल को खंगाल रहा है और मलबे को हटाकर अंदर मौजूद लोगों की तलाश की जा रही है. प्रशासन ने आसपास की सड़कों को सील कर दिया है ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन में कोई बाधा न आए. स्थानीय लोगों का कहना है कि गुल प्लाजा में अक्सर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती थी और इमरजेंसी निकास के रास्ते भी पूरी तरह से खुले नहीं रहते थे. इस घटना ने एक बार फिर कराची के व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पूरे कराची में मॉल और बाजारों की सुरक्षा पर सवाल
कराची प्रशासन ने गुल प्लाजा आग हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और एक विशेष टीम बनाई गई है जो आग लगने के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था की खामियों की पड़ताल करेगी. अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि अगर जांच में लापरवाही सामने आती है तो मॉल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस घटना के बाद पूरे कराची में शॉपिंग मॉल और व्यावसायिक इमारतों की सुरक्षा जांच शुरू करने की मांग तेज हो गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने मॉल्स में फायर सेफ्टी सिस्टम अपडेट नहीं होने के कारण ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं. गुल प्लाजा की आग न सिर्फ एक दर्दनाक हादसा है, बल्कि यह एक चेतावनी भी है कि समय रहते सुरक्षा मानकों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो भविष्य में इससे भी बड़ी त्रासदी हो सकती है.
Read more-मैं मरना नहीं चाहता…: कार में फंसा इंजीनियर, प्रशासन की लापरवाही ने ली जान
