नेपाल की सियासत में बड़ी उथल-पुथल के बीच, काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद जन आंदोलन में शामिल Gen-Z से सीधा संवाद किया है। उन्होंने कहा, “प्रिय Gen-Z, आपके हत्यारे का इस्तीफा आ गया है। अब संयम रखने का वक्त है।” इस बयान के जरिए उन्होंने युवाओं से भावनात्मक अपील की कि वे आवेश में आकर किसी तरह की हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं।
अब आंदोलन की अगली दिशा सोच-समझकर तय करनी होगी
बालेन शाह ने कहा कि देश की जनता और धन की हानि का मतलब हमारी ही संपत्ति की बर्बादी होगी। यह आंदोलन अब एक संवेदनशील मोड़ पर है, जहाँ जल्दबाज़ी नहीं, बल्कि दूरदर्शिता की जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि एक पीढ़ीगत क्रांति है, जिसे शांति और समझदारी से अंजाम तक पहुंचाना जरूरी है।
सेना और संसद के बीच उठते सवालों पर तीखी टिप्पणी
बालेन शाह ने यह भी कहा कि अब संसद को भंग कर देना चाहिए, इससे पहले कि सेना प्रमुख से किसी तरह की बातचीत हो। यह बयान ऐसे समय में आया है जब नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता गहराती जा रही है। उनके अनुसार, युवाओं को अब प्रतीकात्मक विरोध से आगे बढ़कर सत्ता परिवर्तन के ठोस रास्तों पर सोचना होगा – लेकिन शांति और रणनीति के साथ।
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