विजय हजारे ट्रॉफी 2025 में उस वक्त क्रिकेट फैंस हैरान रह गए, जब एक नाम अचानक हर तरफ चर्चा में आ गया। अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेले गए मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने ऐसी बल्लेबाज़ी कर डाली, जिसने स्टेडियम से लेकर सोशल मीडिया तक सनसनी फैला दी। वैभव ने महज़ 36 गेंदों में शतक ठोकते हुए लिस्ट ए क्रिकेट में भारत की ओर से दूसरा सबसे तेज शतक लगाने का कारनामा कर दिखाया। मैच की शुरुआत से ही उनके इरादे साफ नजर आ रहे थे। गेंदबाजों पर टूटकर पड़ते हुए उन्होंने हर ओवर में रन बरसाए और देखते ही देखते स्कोरबोर्ड पर शतक टांग दिया। यह शतक सिर्फ रन बनाने की कहानी नहीं थी, बल्कि भारतीय घरेलू क्रिकेट में उभरते नए सितारे के आगमन का संकेत भी था।
12 ओवर में पूरा शतक, गेंदबाज बेबस
वैभव सूर्यवंशी ने अपना शतक पारी के सिर्फ 12वें ओवर में पूरा कर लिया था, जो अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि मानी जा रही है। इस दौरान उन्होंने मैदान के हर कोने में शॉट्स लगाए और अरुणाचल प्रदेश के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। खबर लिखे जाने तक वैभव के बल्ले से 9 चौके और 6 गगनचुंबी छक्के निकल चुके थे। उनकी टाइमिंग, फुटवर्क और शॉट सिलेक्शन देखकर क्रिकेट विशेषज्ञ भी दंग रह गए। यह पारी केवल ताकत का प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि इसमें संतुलन और क्लास भी साफ दिखाई दी। वैभव ने यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ बड़े शॉट खेलने वाले बल्लेबाज नहीं, बल्कि मैच की रफ्तार को समझने वाले खिलाड़ी भी हैं।
लिस्ट ए क्रिकेट में भारत के लिए दूसरा सबसे तेज शतक
वैभव सूर्यवंशी की यह पारी भारतीय लिस्ट ए क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई है। भारत की ओर से लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड अब भी अनमोलप्रीत सिंह के नाम है, जिन्होंने 35 गेंदों में शतक जमाया था। वैभव 36 गेंदों में शतक लगाकर इस सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। अगर विश्व रिकॉर्ड की बात करें तो लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज शतक का कारनामा जेक फ्रेजर-मैकगर्क ने 29 गेंदों में किया था। इसके बाद एबी डिविलियर्स ने 31 गेंदों में शतक जड़ा था। इस सूची में अनमोलप्रीत सिंह, कोरी एंडरसन और अब वैभव सूर्यवंशी का नाम जुड़ गया है। कोरी एंडरसन ने भी 36 गेंदों में शतक लगाया था, लेकिन वैभव की पारी भारतीय क्रिकेट के लिए खास मानी जा रही है।
घरेलू क्रिकेट से राष्ट्रीय टीम तक का सपना
वैभव सूर्यवंशी की यह पारी सिर्फ एक मैच का प्रदर्शन नहीं, बल्कि उनके भविष्य की झलक भी मानी जा रही है। घरेलू क्रिकेट में इस तरह का आक्रामक और रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन चयनकर्ताओं की नजरों से कभी छुप नहीं सकता। विजय हजारे ट्रॉफी जैसे बड़े मंच पर ऐसा कारनामा करना बताता है कि वैभव बड़े मुकाबलों के खिलाड़ी बन सकते हैं। क्रिकेट जानकारों का मानना है कि अगर वह इसी निरंतरता के साथ प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले समय में उन्हें इंडिया ए या राष्ट्रीय टीम के दरवाजे तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता। इस पारी के बाद वैभव सूर्यवंशी का नाम अब सिर्फ स्कोरकार्ड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारों की सूची में मजबूती से दर्ज हो चुका है।
