भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर स्पिन गेंदबाजी ने इतिहास रच दिया है। टीम इंडिया के मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने ICC T20 गेंदबाजी रैंकिंग में ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है, जो अब तक कोई भी भारतीय गेंदबाज नहीं छू सका था। ICC द्वारा जारी ताजा रैंकिंग में वरुण चक्रवर्ती को 818 रेटिंग अंक मिले हैं, जो किसी भी भारतीय गेंदबाज के लिए T20 फॉर्मेट में अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। इस उपलब्धि के साथ ही वह न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के नंबर-1 T20 गेंदबाज बन गए हैं।
यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि ICC की रैंकिंग में इतने ज्यादा रेटिंग अंक हासिल करना बेहद मुश्किल माना जाता है। सालों तक लगातार बेहतरीन प्रदर्शन, विपक्षी बल्लेबाजों पर दबदबा और हर मैच में प्रभाव छोड़ना—इन सभी का नतीजा अब वरुण चक्रवर्ती के नाम दर्ज हो चुका है। मिस्ट्री स्पिन की पहचान बन चुके वरुण ने यह साबित कर दिया है कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में स्पिन गेंदबाज भी मैच का रुख अकेले बदल सकता है।
दक्षिण अफ्रीका सीरीज ने बदली तस्वीर
वरुण चक्रवर्ती की इस ऐतिहासिक छलांग के पीछे भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली गई हालिया T20 सीरीज का बड़ा योगदान रहा है। इस सीरीज में उन्होंने तीनों मैचों में लगातार प्रभावशाली गेंदबाजी की। हर मुकाबले में दो-दो विकेट लेते हुए उन्होंने कुल 6 विकेट अपने नाम किए और पूरी सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने।
सबसे खास बात यह रही कि वरुण ने सिर्फ विकेट ही नहीं लिए, बल्कि उनकी इकॉनमी रेट भी शानदार रही। उन्होंने रन लुटाने के बजाय बल्लेबाजों को बांधकर रखा, जिससे विपक्षी टीमों पर लगातार दबाव बना रहा। उनकी गेंदों में विविधता, फ्लाइट, और अचानक टर्न ने दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों को बार-बार चकमा दिया। ICC रैंकिंग में किसी गेंदबाज की रेटिंग सिर्फ विकेट पर नहीं, बल्कि प्रभाव, निरंतरता और मैच की परिस्थितियों में प्रदर्शन पर निर्भर करती है। वरुण चक्रवर्ती इन सभी पैमानों पर खरे उतरे और इसी का नतीजा है कि वह रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच गए।
बुमराह का रिकॉर्ड टूटा, नया इतिहास बना
इस उपलब्धि के साथ वरुण चक्रवर्ती ने टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। इससे पहले T20 गेंदबाजी रैंकिंग में सबसे ज्यादा रेटिंग अंक हासिल करने का भारतीय रिकॉर्ड बुमराह के नाम था। साल 2017 में बुमराह ने 783 रेटिंग अंक तक पहुंचकर यह रिकॉर्ड बनाया था, जिसे लंबे समय तक कोई नहीं तोड़ सका।
वरुण चक्रवर्ती अब 818 अंकों के साथ न सिर्फ उस रिकॉर्ड से आगे निकल गए हैं, बल्कि T20 रैंकिंग में 800 से ज्यादा रेटिंग अंक छूने वाले पहले भारतीय गेंदबाज भी बन गए हैं। यह आंकड़ा अपने आप में बताता है कि उनका प्रदर्शन किस स्तर का रहा है। तेज गेंदबाजों के दबदबे वाले इस दौर में एक स्पिनर का इस तरह शीर्ष पर पहुंचना भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। यह उपलब्धि युवा स्पिन गेंदबाजों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।
भारतीय क्रिकेट के लिए क्या मायने रखती है यह कामयाबी
वरुण चक्रवर्ती की यह ऐतिहासिक उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि यह टीम इंडिया की T20 रणनीति को भी मजबूती देती है। आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स और ICC इवेंट्स में भारत को ऐसे गेंदबाज की जरूरत होगी जो मुश्किल समय में विकेट निकाल सके और रन गति पर लगाम लगा सके। वरुण ने यह साबित कर दिया है कि वह बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं।
उनकी सफलता यह भी दिखाती है कि भारतीय क्रिकेट में अब विविधता को कितना महत्व दिया जा रहा है। मिस्ट्री स्पिन जैसे हथियार के साथ वरुण चक्रवर्ती विपक्षी टीमों के लिए लगातार सिरदर्द बने हुए हैं। ICC रैंकिंग में नंबर-1 बनना किसी भी खिलाड़ी के करियर का बड़ा पड़ाव होता है, लेकिन उससे भी बड़ी चुनौती होती है उस स्थान को बनाए रखना। अगर वरुण इसी तरह निरंतर प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले समय में वह भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े T20 मैच विनर गेंदबाजों में गिने जाएंगे।
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