भारतीय क्रिकेट को एक और चमकता सितारा मिल चुका है, जिसका नाम है वैभव सूर्यवंशी। महज 14 साल की उम्र में वैभव ने वह कर दिखाया है, जिसका सपना बड़े-बड़े खिलाड़ी देखते हैं। शुक्रवार, 26 दिसंबर का दिन वैभव के जीवन में हमेशा के लिए दर्ज हो गया, जब उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार बच्चों को दिया जाने वाला देश का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है। क्रिकेट के मैदान पर अपने बेखौफ अंदाज और रिकॉर्ड तोड़ पारियों से चर्चा में आए वैभव ने बहुत कम समय में खुद को एक खास पहचान दिलाई है। उनकी उपलब्धियां यह बताती हैं कि उम्र सिर्फ एक संख्या होती है, अगर प्रतिभा और मेहनत साथ हों।
राष्ट्रपति भवन में सम्मान, देश ने दी सलामी
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वैभव सूर्यवंशी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान किया। इस अवसर पर देश के अलग-अलग राज्यों से चुने गए कुल 20 बच्चों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने खेल, विज्ञान, नवाचार, समाज सेवा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में असाधारण प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि इन बच्चों की उपलब्धियां पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। वैभव को खेल के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान के लिए चुना गया। मंच पर जब वैभव का नाम पुकारा गया, तो यह पल न सिर्फ उनके लिए बल्कि उनके परिवार, कोच और पूरे बिहार के लिए गर्व का क्षण बन गया।
Congratulations to our explosive young batter, Vaibhav Sooryavanshi, on being conferred the Pradhan Mantri Rashtriya Bal Puraskar by the Honourable President of India, Smt. Droupadi Murmuji.@rashtrapatibhvn pic.twitter.com/icMEcKK9Zu
— BCCI (@BCCI) December 26, 2025
अवॉर्ड के लिए छोड़ा मैदान
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार समारोह की वजह से वैभव सूर्यवंशी बिहार की ओर से विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का दूसरा मुकाबला नहीं खेल सके। शुक्रवार को बिहार का सामना मणिपुर से था, लेकिन फैन्स को वैभव की बल्लेबाजी देखने का मौका नहीं मिला। इसकी वजह बेहद खास थी। उन्हें सुबह-सुबह राष्ट्रपति भवन में रिपोर्ट करने के निर्देश मिले थे। इससे पहले वैभव ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ शानदार 190 रनों की पारी खेलकर सभी का ध्यान खींचा था। उनकी गैरमौजूदगी जरूर टीम और दर्शकों को खली, लेकिन ऐसा सम्मान किसी भी खिलाड़ी के जीवन में बार-बार नहीं आता।
आईपीएल रिकॉर्ड से राष्ट्रीय सम्मान तक
वैभव सूर्यवंशी पहले ही आईपीएल में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बनकर इतिहास रच चुके हैं। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास, तकनीक और आक्रामकता का अनोखा मिश्रण देखने को मिलता है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिलना इस बात का संकेत है कि वैभव सिर्फ एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट का बड़ा चेहरा बन सकते हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी पुरस्कार विजेताओं की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसे बच्चे भारत की असली ताकत हैं। वैभव की कहानी उन लाखों बच्चों के लिए प्रेरणा है, जो छोटे शहरों से बड़े सपने लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं।
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