Suicide Thoughts: कभी-कभी हम जिंदगी के उसे मोड पर आ जाते हैं जहां पर हम जीने की उम्मीद तक छोड़ देते हैं। इतना ही नहीं हमारे मन में सुसाइड तक के ख्याल आ जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र की नजर से जानते हैं की आत्महत्या के विचार मन में क्यों आते हैं और ऐसे विचार आने पर हमें क्या उपाय करने चाहिए। जिससे हमें अपनी जिंदगी जीने की इच्छा हो। कुंडली में मन के कारक चंद्रमा का कमजोर होना व्यक्ति के मानसिक रूप से कमजोर बनाता है। कुंडली में चंद्रमा पीड़ित हो तो जातक की जीवन की रुचि की खत्म हो जाती है। जब पीड़ित चंद्रमा का खेत के साथ कनेक्शन बन जाए तभी स्थित और मुश्किल हो जाती है केतु अज्ञात भय देता है और व्यक्ति भविष्य को लेकर और भी चिंतित हो जाता है।
कमजोर चंद्रमा के उपाय
अगर चंद्रमा कमजोर हो चुका है तो इसके कई सारे उपाय भी बताए गए हैं। जीवन की समस्या और चुनौतियों से डर कर परिस्थितियों से घबराकर जीवन खत्म करने का विचार हर धर्म शास्त्र में गलत बताया गया है। केतु धर्म का भी कारक है तो व्यक्ति को लगता है कि शाश्वत सत्य मृत्यु ही है जीने से कोई मतलब नहीं है और वह आत्महत्या करने की और अग्रसर होता है। ऐसे समय में यदि उसका पाल किसी ऐसे ही नकारात्मक व्यक्ति से पड़ जाए तो सामूहिक आत्महत्या जैसी स्थिति बन जाती है। आत्महत्या जैसे खतरनाक कदम से बचने के उपाय भी बताए गए हैं।
आत्महत्या से बचने के उपाय
-जब भी करने जैसा नकारात्मक विचार आपके मन में आए तो अपनी मां से बात करें। माता का संबंध भी चंद्रमा से होता है।
-सफेद कपड़े ज्यादा पहने इससे भी चंद्रमा मजबूत होता है।
-शुक्ल पक्ष में जब चंद्रमा बढ़ता है तब रात में कुछ समय चंद्रमा को देखें इससे मानसिक शांति मिलती है और कुंडली में चंद्रमा भी मजबूत हो जाता है।
-जिन बच्चों को जन्म अमावस्या को हुआ है उनमें जीवन खत्म करने की भावना जल्द आ जाती है इन बच्चों को थोड़ा सावधानी बरतनी चाहिए।
-पूर्णिमा की रात चंद्रमा को गाय का दूध और जल मिलाकर अघ्र्य देना चाहिए। ऐसा करने से आपका मन शांत रहेगा और आत्महत्या करने के विचार मन से गायब हो जाएंगे।
(Disclaimer: यहां पर प्राप्त जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। UP Varta News इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
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