Rahu Mhadsha: ग्रहों की महादशा किसी भी तरह शुभ नहीं मानी जाती है। राहु ग्रह को मायावी शक्तियों का कारक माना जाता है। राहु अचानक ही घटनाओं को घटित करने की क्षमता भी रखता है किसी भी व्यक्ति की कुंडली में राहु की महादशा 18 वर्ष होती है और अर्थात किसी एक व्यक्ति में वह डेढ़ वर्ष तक ही रहता है।
राहु का नकारात्मक और सकारात्मक प्रभाव
कुंडली में राहु के सकारात्मक और बली रहने की स्थिति में व्यक्ति ऊर्जावान, साहसी, प्रतापी और शत्रु पर विजय प्राप्त करने वाला तथा कुशल राजनीतिज्ञ बनता है। अगर राहुल दुर्बल हो जाए तो व्यक्ति के अंदर दुरदर्शिता और कूटनीति की समझ में कमी आ जाती है। राहु भुज को बाल बढ़ता है यानी टीम अच्छी मिलती है तो आपके कार्य को बढ़ाने का कारण करती है।
इन परेशानियों से करना पड़ता है सामना
राहु जब खराब दशा में होते हैं तो इंसान को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। राहु की दूसरी अवस्था कुपित की होती है और इस स्थिति में व्यक्ति अनुशासन ,धर्य, संयम खो देता है। वह किसी भी मामले में बुजुर्गों से सलाह लेना बंद कर देता है जिससे उसके सभी काम बिगड़ने लगते हैं।
(Disclaimer: यहां पर प्राप्त जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। UP Varta News इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
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