दिल्ली हाईकोर्ट ने साल 2017 के उन्नाव रेप केस के आरोपी पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की उम्रकैद की सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें जमानत दे दी है। इस फैसले के तुरंत बाद राजधानी में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए। पीड़िता, उनकी मां और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस फैसले को न्याय व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बताया। इंडिया गेट पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पीड़िता और उनके साथियों को विरोध स्थल से हटाया, जिससे गुस्सा और बढ़ गया।
उन्नाव रेप केस पर राहुल गांधी का गुस्सा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्नाव रेप केस फैसले पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा कि क्या एक गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार न्यायसंगत है। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि पीड़िता को बार-बार प्रताड़ित करना और अपराधी को जमानत देना न्याय के मानकों के अनुरूप कैसे हो सकता है। उन्होंने इसे निराशाजनक और शर्मनाक करार दिया।
पीड़िता के परिवार की सुरक्षा
इस फैसले के बाद उन्नाव पीड़िता और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। परिवार ने बार-बार शिकायत की कि उन्हें डर के साए में जीना पड़ रहा है। महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस मामले को देश में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था की गंभीरता के लिए चेतावनी के रूप में देखा। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह के फैसले से पीड़ितों में न्याय के प्रति विश्वास कम होता है।
न्याय व्यवस्था पर उठते सवाल
उन्नाव रेप केस में कुलदीप सेंगर को मिली जमानत ने देश में न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी नेता इसे राजनीतिक दृष्टि से भी गंभीर मामला बता रहे हैं। साथ ही, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और पीड़िता के अधिकारों की रक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि क्या सिस्टम पीड़िता के पक्ष में पर्याप्त रूप से खड़ा है।
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