Sanjay Nishad: उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के बयान चर्चा में आने लगे हैं। इसी बीच योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद (Sanjay Nishad) ने मछली को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिस पर सियासी बहस शुरू हो सकती है। एक कार्यक्रम में संजय निषाद ने कहा कि अगर मछली बिना लहसुन-प्याज के बनाई जाए तो वह शाकाहारी मानी जाएगी। उनका यह बयान सावन के महीने में आया है, जब हिंदू समाज के एक बड़े वर्ग में मांसाहारी भोजन से परहेज किया जाता है।
मछली को लेकर संजय निषाद ने क्या कहा?
संजय निषाद (Sanjay Nishad) कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसी दौरान उन्होंने मछली को शाकाहारी बताते हुए अपनी बात रखी। उनके बयान के मुताबिक, बिना लहसुन और प्याज के तैयार की गई मछली को शाकाहारी माना जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद अन्य लोग इस पर कोई प्रतिक्रिया देते नजर नहीं आए, जबकि संजय निषाद मुस्कुराते दिखाई दिए। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब सावन चल रहा है और खान-पान को लेकर धार्मिक मान्यताओं के कारण कई लोग मांसाहारी चीजों से दूरी बनाते हैं। यही वजह है कि उनके बयान ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को जन्म दे दिया है।
मछली को निषाद समाज से जोड़ा
कार्यक्रम के दौरान संजय निषाद (Sanjay Nishad) ने मछली को निषाद समाज की पहचान से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि मछली, तीर और धनुष उनके समाज से जुड़े प्रतीक हैं और उन्हें इस पहचान पर गर्व है। उन्होंने अपनी लंदन यात्रा का जिक्र करते हुए गोरखपुर सांसद रवि किशन को लेकर भी मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की। संजय निषाद ने कहा कि लंदन में रवि किशन अपने गानों से लोगों का मनोरंजन कर रहे थे, जबकि उन्होंने अपने अंदाज में लोगों को ‘पस्त’ कर दिया।
निषाद समाज और विपक्ष पर भी बोले
संजय निषाद (Sanjay Nishad) ने ‘बदलता पूर्वी उत्तर प्रदेश’ कार्यक्रम में निषाद समाज के राजनीतिक महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जो लोग निषाद राज के प्रतीक और झंडे का सम्मान करते हैं, वे समाज के साथ हैं। वहीं, विरोध करने वालों पर उन्होंने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी निषाद समाज के प्रतीकों का सम्मान करते हैं। अपने भाषण के दौरान उन्होंने सपा, कांग्रेस और बसपा पर भी निशाना साधा और निषाद समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया।
बयान पर अब सियासी बहस के आसार
संजय निषाद (Sanjay Nishad) का मछली को शाकाहारी बताने वाला बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन सकता है। खास तौर पर सावन के दौरान दिए गए इस बयान को लेकर विपक्ष की ओर से सवाल उठने की संभावना है। हालांकि मंत्री ने यह बात किस संदर्भ में कही और उनके बयान को राजनीतिक तौर पर किस तरह लिया जाता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल उनका बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का नया मुद्दा बन गया है।
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