बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो गया है। सभी प्रमुख दल चुनाव जीतने के लिए जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं। गुरुवार को बीजेपी उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा के नामांकन के बाद पटना के स्काउट एंड गाइड मैदान में एक बड़ी सभा हुई। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत एनडीए के कई बड़े नेता शामिल हुए। सभा के दौरान नेताओं ने कार्यकर्ताओं में उत्साह भरा और जीत का भरोसा जताया। इस बीच सम्राट चौधरी का एक बयान चर्चा का विषय बन गया, जिसे लोग जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर निशाना मान रहे हैं।
बिना नाम लिए साधा निशाना
सभा को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि चुनाव के समय कई ऐसे लोग राजनीति में सक्रिय हो जाते हैं, जिनका बिहार और यहां की जनता से ज्यादा जुड़ाव नहीं होता। उन्होंने लोगों से ऐसे नेताओं से सावधान रहने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को उन लोगों को पहचानना चाहिए जो सिर्फ चुनाव के समय दिखाई देते हैं। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को प्रशांत किशोर से जोड़कर देखा जा रहा है। इस बयान के बाद बांकीपुर उपचुनाव की चर्चा और तेज हो गई है।
बीजेपी ने स्थानीय उम्मीदवार पर जताया भरोसा
सम्राट चौधरी ने कहा कि बीजेपी ने बांकीपुर से अपने एक समर्पित कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने दावा किया कि अभिषेक कुमार सिन्हा लंबे समय से क्षेत्र के लोगों के बीच काम कर रहे हैं और जनता उन्हें अच्छी तरह जानती है। वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्हें बांकीपुर की जनता ठीक से जानती तक नहीं है। उनके अनुसार अभिषेक कुमार का हर वार्ड और हर परिवार से संपर्क है, इसलिए जनता उन्हें समर्थन देगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर प्रचार करने की अपील भी की।
कई दल मैदान में, मुकाबला होगा दिलचस्प
बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी, आरजेडी, जन सुराज, जनशक्ति जनता दल और आरएलजेपी समेत कई पार्टियों ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं। ऐसे में मुकाबला काफी रोचक माना जा रहा है। खासकर प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के मैदान में होने से चुनाव पर सबकी नजर बनी हुई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस सीट का नतीजा आने वाले समय में बिहार की राजनीति के लिए भी अहम संकेत दे सकता है। फिलहाल सभी दल जनता को अपने पक्ष में करने की कोशिश में जुटे हुए हैं और चुनाव प्रचार लगातार तेज होता जा रहा है।
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