EV Policy 2.0: दिल्ली सरकार जल्द ही EV Policy 2.0 लागू करने की तैयारी में है। इस नई नीति का मकसद दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कम करना और लोगों को पेट्रोल-डीजल की जगह इलेक्ट्रिक गाड़ियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले वित्त वर्ष 2025-26 तक दिल्ली में कम से कम 3 प्रतिशत वाहन इलेक्ट्रिक हों। इसके लिए सरकार आम लोगों को सीधी आर्थिक मदद देने की योजना बना रही है। खास बात यह है कि इस पॉलिसी में सिर्फ नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने वालों को ही नहीं, बल्कि पुरानी कार रखने वालों को भी फायदा मिलेगा। सरकार चाहती है कि जो लोग नई EV नहीं खरीद सकते, वे अपनी पुरानी कार को ही इलेक्ट्रिक में बदल सकें। इससे एक तरफ लोगों का खर्च कम होगा और दूसरी तरफ शहर में प्रदूषण भी घटेगा। दिल्ली सरकार इस नीति को मिडिल क्लास को ध्यान में रखकर बना रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें।
पुरानी कार को इलेक्ट्रिक बनाने पर कैसे मिलेंगे 50,000 रुपये
EV Policy 2.0 का सबसे बड़ा फायदा पुरानी कारों को लेकर है। नई पॉलिसी में यह प्रस्ताव है कि 10 साल पुरानी डीजल कार और 15 साल पुरानी पेट्रोल कार को अगर इलेक्ट्रिक में बदला जाता है, तो सरकार 50,000 रुपये से ज्यादा की मदद दे सकती है। आमतौर पर किसी भी कार को इलेक्ट्रिक में बदलने का खर्च करीब 2 से 3 लाख रुपये तक आता है। ऐसे में सरकार की यह मदद लोगों के लिए काफी राहत देने वाली होगी। शुरुआत में यह फायदा सिर्फ पहली 1,000 कारों को मिलेगा। सरकार इस योजना को रेट्रोफिटिंग तकनीक को बढ़ावा देने के लिए ला रही है, ताकि भविष्य में यह काम और सस्ता हो सके। इससे पुरानी गाड़ियों को कबाड़ बनने से भी बचाया जा सकेगा और लोग अपनी पुरानी कार का इस्तेमाल लंबे समय तक कर पाएंगे।
इलेक्ट्रिक बाइक पर 30,000 रुपये की सब्सिडी का प्रस्ताव
सरकार सिर्फ कारों पर ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक बाइक और स्कूटर पर भी खास ध्यान दे रही है। EV Policy 2.0 में शुरुआती 1 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर 30,000 रुपये तक की सब्सिडी देने का प्रस्ताव है। दिल्ली में ज्यादातर लोग रोजाना आने-जाने के लिए बाइक और स्कूटर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिक बाइक सस्ती होने पर लोग तेजी से EV की तरफ शिफ्ट कर सकते हैं। इसके अलावा सरकार EV खरीदने के लिए लोन लेने वालों को भी राहत देने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव है कि जो लोग इलेक्ट्रिक कार खरीदने के लिए लोन लेंगे, उन्हें 5 प्रतिशत तक की ब्याज सब्सिडी मिल सकती है। इससे EMI कम होगी और लोगों के लिए EV खरीदना आसान हो जाएगा। EV बनाने वाली कंपनियों ने भी सरकार को यह सुझाव दिया था कि लोन पर सब्सिडी दी जाए, ताकि बिक्री बढ़ सके।
किन लोगों को मिलेगी सब्सिडी और क्या होंगी शर्तें
EV Policy 2.0 में सब्सिडी को लेकर कुछ शर्तें भी तय की जा सकती हैं। सरकार का मानना है कि सब्सिडी का फायदा उन्हीं लोगों को मिलना चाहिए जिन्हें इसकी जरूरत है। इसलिए 25 लाख रुपये से कम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर ही सब्सिडी देने की बात कही जा रही है। इस पर अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक की मदद मिल सकती है। महंगी और लग्जरी इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को इस योजना से बाहर रखा जा सकता है। इसके अलावा शुरुआती 25,000 इलेक्ट्रिक कारों को ही सब्सिडी देने का प्रस्ताव है। दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह इस पॉलिसी को लेकर कई बैठकें कर चुके हैं और जल्द ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी इसकी समीक्षा कर सकती हैं। अगर यह पॉलिसी लागू होती है, तो दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ेगी और आम लोगों के लिए EV अपनाना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।
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