राजस्थान के झालावाड़ जिले से एक बेहद खास और दुर्लभ मामला सामने आया है। यहां के राजकीय जनाना अस्पताल में एक महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया है। इस खबर के सामने आते ही अस्पताल में खुशी का माहौल बन गया और यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया। डॉक्टरों के अनुसार एक साथ चार बच्चों का जन्म होना बहुत कम देखने को मिलता है। यही वजह है कि अस्पताल का मेडिकल स्टाफ भी इस प्रसव को खास मान रहा है। परिवार के लोग नवजात बच्चों के जन्म से बेहद खुश हैं और अस्पताल पहुंचकर मां और बच्चों का हालचाल जान रहे हैं। इस अनोखी घटना ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
सात साल बाद परिवार में बढ़ी खुशियां
जानकारी के अनुसार झालावाड़ निवासी 25 वर्षीय ज्योति कश्यप का बुधवार को अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया गया। इस दौरान उन्होंने तीन बेटियों और एक बेटे को जन्म दिया। ज्योति और उनके पति अरुण कश्यप की शादी करीब सात साल पहले हुई थी। दोनों का पहले से एक पांच साल का बेटा भी है। चार नवजात बच्चों के आने से परिवार की खुशियां कई गुना बढ़ गई हैं। बच्चों के पिता अरुण कश्यप, जो स्वयं अस्पताल में कार्यरत हैं, ने खुशी जताते हुए कहा कि उन्होंने एक बेटी की उम्मीद की थी, लेकिन भगवान ने उन्हें तीन बेटियां और एक बेटा देकर परिवार को और बड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि जो भी मिला है, वह उनके लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है।
डॉक्टरों ने बताया बेहद दुर्लभ मामला
अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं। डॉक्टरों के अनुसार हजारों प्रसवों में कभी-कभी ऐसा दुर्लभ मामला सामने आता है, जब एक महिला एक साथ चार बच्चों को जन्म देती है। अस्पताल के विशेषज्ञों ने बताया कि उनके कार्यकाल में यह पहला ऐसा मामला है, जिसे उन्होंने इतने करीब से देखा है। डॉक्टरों का कहना है कि मां की हालत पूरी तरह स्थिर और सामान्य है। हालांकि चारों नवजात बच्चों का वजन सामान्य से कम है, इसलिए उन्हें विशेष निगरानी के लिए नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में रखा गया है। वहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
अस्पताल में बधाई देने वालों का लगा तांता
चार बच्चों के जन्म की खबर फैलते ही अस्पताल में लोगों का आना-जाना बढ़ गया। रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों ने परिवार को बधाई देना शुरू कर दिया। अस्पताल के कर्मचारियों ने भी इस खुशी के मौके पर परिवार को शुभकामनाएं दीं। कई लोगों का कहना है कि उन्होंने पहली बार अपने इलाके में ऐसा मामला देखा है। डॉक्टरों को उम्मीद है कि उचित देखभाल और चिकित्सा सुविधा मिलने के बाद सभी नवजात जल्द स्वस्थ होकर घर लौट सकेंगे। फिलहाल पूरा परिवार बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहा है। यह अनोखी घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि अस्पताल और पूरे जिले के लिए भी यादगार बन गई है।
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