राउज एवेन्यू कोर्ट से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को राहत मिलने के बाद उनके बेटे और बीजेपी विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उत्तर प्रदेश विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान वह भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 1100 दिनों से उनका परिवार मानसिक दबाव में था और अब अदालत के फैसले के बाद उन्हें बड़ी राहत महसूस हो रही है। प्रतीक भूषण ने कहा कि उनके पिता शुरुआत से खुद को निर्दोष बताते रहे और अब अदालत के फैसले के बाद परिवार के सिर से एक बड़ा बोझ हट गया है। उन्होंने कहा कि यह समय उनके परिवार के लिए भावनात्मक रूप से बेहद अहम है।
‘यह पूरा मामला राजनीतिक साजिश था’
प्रतीक भूषण सिंह ने आरोप लगाया कि यह मामला केवल कानूनी नहीं बल्कि राजनीतिक भी था। उनका कहना था कि चुनावी माहौल में कुछ लोगों ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए अलग-अलग तरह के नैरेटिव तैयार किए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच माहौल बनाने की कोशिश हुई और समाज को जाति के आधार पर बांटने का प्रयास भी किया गया। प्रतीक ने कहा कि उनके पिता संसद तक नहीं पहुंच पाए, लेकिन उनके भाई को जनता ने लोकसभा भेजा, जिस पर उन्हें गर्व है। उन्होंने कहा कि परिवार ने पूरे समय संयम रखा और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखा।
मानसिक दबाव का भी किया जिक्र
बीजेपी विधायक ने कहा कि किसी व्यक्ति पर केवल आरोप लगने भर से उसे अपराधी मान लेना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चलने वाले मामलों का असर पूरे परिवार की मानसिक स्थिति पर पड़ता है। प्रतीक भूषण के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में उनके परिवार ने कठिन समय देखा और हर दिन नई चुनौतियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान परिवार ने धैर्य बनाए रखा और अदालत के फैसले का इंतजार किया। अब जब फैसला आ चुका है तो उन्हें मानसिक रूप से काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि इस पूरे अनुभव ने उन्हें यह महसूस कराया कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
प्रतीक भूषण सिंह ने अपने बयान में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के साथ जो कुछ हुआ, उसे वे कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पुराने बयान पर भी आपत्ति जताई और कहा कि बिना पूरी जानकारी के किसी पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। प्रतीक ने दोहराया कि उनके पिता पहले दिन से खुद को निर्दोष बताते रहे और उन्होंने कभी अपना पक्ष रखने से पीछे नहीं हटे। फिलहाल अदालत के फैसले के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है, जबकि इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
READ MORE-साथियों पर ही बरसा दी गोलियां! CRPF कैंप में आखिर क्या हुआ कि 3 जवानों की चली गई जान
