उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे प्रतियोगी छात्रों ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की मांग तेज कर दी है। छात्रों की प्रमुख मांग है कि आयोग की भर्तियों में वेटिंग लिस्ट और अभ्यर्थन वापस लेने की व्यवस्था लागू की जाए। उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई बार पद खाली रह जाते हैं, लेकिन उन सीटों पर उसी भर्ती के दूसरे योग्य अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिल पाता। छात्रों ने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सरकार के अधिकारियों से हस्तक्षेप की अपील की है।
चयन के बाद खाली रह जाती हैं सीटें, वेटिंग लिस्ट की मांग
प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि UPSSSC की कई भर्तियों में एक अभ्यर्थी का चयन एक से ज्यादा सरकारी नौकरियों में हो जाता है। ऐसी स्थिति में वह अपनी पसंद की नौकरी ज्वाइन करता है और दूसरी भर्ती का पद खाली रह जाता है। इसके अलावा दूर के जिले में तैनाती, निजी कारण या डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में शामिल नहीं होने के कारण भी कुछ सीटें खाली रह जाती हैं। छात्रों का तर्क है कि जब भर्ती में रिक्त पदों से कई गुना अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाता है, तो मुख्य सूची के साथ वेटिंग लिस्ट भी बनाई जा सकती है। छात्रों ने करीब 10 से 20 फीसदी पदों तक वेटिंग लिस्ट रखने और उसे सीमित अवधि तक मान्य रखने की मांग की है। इससे चयनित अभ्यर्थी के पद छोड़ने पर अगली मेरिट वाले उम्मीदवार को अवसर मिल सकेगा।
नई भर्ती का इंतजार क्यों? अभ्यर्थन वापसी की भी मांग
छात्रों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में अगर चयनित उम्मीदवार ज्वाइन नहीं करता है तो खाली पदों को भरने के लिए कई बार अगली भर्ती का इंतजार करना पड़ता है। इससे सरकारी विभागों में रिक्तियां बनी रहती हैं और नई परीक्षा कराने में सरकार का समय व संसाधन खर्च होता है। इसी वजह से छात्र अभ्यर्थन वापसी की स्पष्ट व्यवस्था भी चाहते हैं। उनका कहना है कि जो उम्मीदवार किसी कारण से संबंधित पद पर नियुक्ति नहीं लेना चाहता, उसके लिए ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से अभ्यर्थन वापस करने की सुविधा होनी चाहिए। इससे समय रहते खाली पदों की जानकारी मिल सकती है और वेटिंग लिस्ट में शामिल उम्मीदवारों को नियुक्ति का मौका दिया जा सकता है।
CM योगी समेत अधिकारियों के सामने रख चुके हैं मांग
इस मुद्दे को लेकर प्रतियोगी छात्र लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं। छात्रों के मुताबिक, वे मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, विभागीय अधिकारियों और सचिव स्तर के अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं और ज्ञापन के जरिए अपनी मांग रख चुके हैं। छात्रों का कहना है कि वेटिंग लिस्ट लागू होने से मुख्य चयन सूची से थोड़े अंकों के अंतर से बाहर रह जाने वाले अभ्यर्थियों को भी मौका मिल सकता है। उनका दावा है कि इससे एक तरफ खाली पदों को जल्दी भरने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ नई भर्ती प्रक्रिया में लगने वाला समय और सरकारी खर्च भी कम हो सकता है। अब छात्रों की नजर सरकार और UPSSSC की ओर से इस मांग पर होने वाले फैसले पर है।
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